Showing posts with label सामान्य ज्ञान. Show all posts
Showing posts with label सामान्य ज्ञान. Show all posts

फीफा विश्वकप 2022 FIFA Word Cup 2022

करेंट अफेयर्स – 28 जनवरी 2022

दैनिक समसामयिकी (Current Affairs) के मुद्दों की महत्त्वपूर्ण जानकारी आज के इस लेख द्वारा उपलब्ध कराई गई है, जो सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में उपयोगी है –

स्विगी ने हासिल किया डेकाकॉर्न (Decacorn) का टैग –

हाल ही में भारतीय ऑनलाइन फूड ऑर्डरिंग और डिलीवरी प्लेटफॉर्म ‘स्विगी’ ने डेकाकॉर्न का टैग प्राप्त किया। इस तरह का टैग प्राप्त करने वाली देश की यह चौथी कंपनी है। स्विगी से पहले भारत की तीन कंपनी पेटीएम, ओयो और बायजूज यह उपलब्धि हासिल कर चुकी है। 

डेकाकॉर्न का टैग उस निजी फर्म के लिए इस्तेमाल किया जाता है जिसका मूल्य 10 अरब डालर से अधिक होता है। दुनिया का सबसे पहला डेकाकॉर्न ‘फेसबुक’ था। वर्ष 2007 में फेसबुक को यह टैग प्राप्त हुआ था। माइक्रोसॉफ्ट द्वारा फेसबुक में 240 मिलियन डॉलर का निवेश करने के बाद फेसबुक डेकाकॉर्न बना था। इसके बाद वर्ष 2009 में दूसरा डेकाकॉर्न अलीबाबा कंपनी के रूप में सामने आया। 

अधिकतर डेकाकॉर्न निम्नलिखित क्षेत्रों से जुड़े होते हैं:

on-demand, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, Fintech, ट्रांसपोर्टेशन, e-commerce, मार्केटप्लेस, बिग डेटा, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, सोशल, गेमिंग, Blockchain, हार्डवेयर, इंटरनेट सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर, कम्प्यूटर हार्डवेयर, बायोटेक्नोलॉजी।

अंतर्राष्ट्रीय सीमा शुल्क दिवस, 2022 –

हाल ही में 26 जनवरी को केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) और उसके सभी क्षेत्रीय कार्यालयों ने ‘अंतर्राष्ट्रीय सीमा शुल्क दिवस, 2022’ मनाया। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय सीमा शुल्क दिवस ‘डेटा संस्‍कृति को अपनाने और एक डेटा परिवेश तैयार करने के लिए सीमा शुल्‍क में डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा’ की थीम के साथ मनाया गया। यह विषय विश्व सीमा शुल्क संगठन (WCO) द्वारा दिया गया था। इस दिवस का पहली बार आयोजन 26 जनवरी, 1953 को किया गया था। यह दिवस विश्व सीमा शुल्क संगठन (WCO) के गठन की स्मृति को चिह्नित करता है।

विश्व सीमा शुल्क संगठन (WCO) के बारे में:

यह विश्व स्तर का एक अंतर-सरकारी संगठन है जिसका मुख्यालय ब्रुसेल्स, बेल्जियम में स्थित है। इसकी स्थापना वर्ष 1952 में सीमा शुल्क सहयोग परिषद के रूप में की गई थी। WCO का मुख्य उद्देश्य संपूर्ण विश्व में सीमा शुल्क प्रशासनों की प्रभावशीलता एवं कार्यक्षमता में वृद्धि करना है। 

लाला लाजपत राय की जयंती (Lala Lajpat Rai Birth Anniversary) –

इस वर्ष 28 जनवरी को महान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय की 157वीं जयंती मनाई जा रही है। लाला लाजपत राय का जन्म 28 जनवरी, 1865 को पंजाब में हुआ था। अपनी देशभक्ति के लिए उन्हें ‘पंजाब केसरी’ और ‘लायन ऑफ़ पंजाब’ के खिताब से नवाजा गया था। वे ‘लाल बाल पाल’ नामक त्रिमूर्ति के सदस्य थे। इसमें उनके अलावा महाराष्ट्र के बाल गंगाधर तिलक तथा बंगाल के बिपिन चन्द्र पाल शामिल थे। इन तीनों नेताओं ने स्वतंत्रता संग्राम की दिशा बदलने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। स्वदेशी आन्दोलन को मजबूत करने के लिए देश भर में लोगों को एकजुट करने में इन तीनों का अहम योगदान रहा था। 

लाला लाजपत राय हिन्दू समाज सुधार और स्वतंत्र आन्दोलन इत्यादि से जुड़े हुए थे। लाला लाजपत राय से भगत सिंह और चन्द्र शेखर आजाद बेहद प्रभावित थे। साइमन कमीशन के विरोध में उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया था। उनका निधन दिनांक 17 नवम्बर, 1928 को हुआ था।

डेटा गोपनीयता दिवस (Data Privacy Day) –

प्रतिवर्ष 28 जनवरी को गोपनीयता पर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से डेटा गोपनीयता दिवस (Data Privacy Day) मनाया जाता है। इस दिवस का पालन “गोपनीयता का सम्मान करने, विश्वास को सक्षम करने और डेटा की सुरक्षा के महत्त्व पर जागरूकता पैदा करने का एक अंतर्राष्ट्रीय प्रयास” है। इस वर्ष डेटा ‘गोपनीयता दिवस’ की थीम ‘Privacy Matters’ है। 

गोपनीयता, ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक साधन है जो सभी व्यक्तियों के लिए हैं। किसी की गोपनीयता की रक्षा में विफलता होने पर परिणामस्वरूप उपयोगकर्ताओं के खिलाफ अपराध हो सकते हैं। इसलिए कंपनियों ने डेटा गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल एप्लिकेशन पर “एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन” जैसी कई सुरक्षा सुविधाएँ शुरू की है।

करेंट अफेयर्स प्रश्नोत्तरी

1. राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voters’ Day) कब मनाया जाता है?

उत्तर – 25 जनवरी

  • राष्ट्रीय मतदाता दिवस चुनावों में देश की जनता को बड़ी संख्या में मतदान करने और चुनावी प्रक्रिया में सहयोग देने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
  • देश में पहली बार राष्ट्रीय मतदाता दिवस वर्ष 2011 में मनाया गया था।
  • यह दिवस चुनाव आयोग (निर्वाचन आयोग) की स्थापना दिवस की स्मृति में मनाया जाता है।
2. हिमाचल प्रदेश को “ग” श्रेणी का राज्य कब बनाया गया था?

उत्तर – 25 जनवरी, 1950

  • प्रतिवर्ष 25 जनवरी को हिमाचल प्रदेश पूर्ण राज्यत्व दिवस मनाया जाता है।
  • देश की आजादी के बाद दिनांक 15 अप्रैल, 1948 को हिमाचल प्रदेश का गठन मुख्य आयुक्त के प्रांत के रूप में किया गया था।
  • संसद ने 18 दिसम्बर, 1970 को हिमाचल प्रदेश अधिनियम पारित किया तथा 25 जनवरी, 1971 को हिमाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य के रूप दर्जा दिया गया और यह देश का 18वाँ राज्य बना।
3. हाल ही में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पर्यटकों हेतु कौन-सा एप लॉन्च किया?

उत्तर – अपना कांगड़ा एप 

  • हाल ही में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में ‘अपना कांगड़ा (Apna Kangra)’ एप और स्वयं सहायता समूहों (SHG) द्वारा हस्तशिल्प की शुरुआत की है।
  • यह एप पर्यटकों को परेशानी मुक्त अनुभव प्रदान करेगा और स्थानीय हस्तशिल्प की बिक्री को बढ़ावा देगा।
  • कांगड़ा जिले के सेल्फ हेल्प ग्रुप को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने पहल करते हुए इस प्लेटफॉर्म को जारी किया है।
4. ‘INS खुखरी मेमोरियल’ कहाँ स्थित है?

उत्तर – दीव (Diu)

  • वर्ष 1971 में एक पाकिस्तानी पनडुब्बी ‘पीएनएस हेंगोर’ के द्वारा तारपीडो से हमला करके पहले ‘आईएनएस खुखरी’ को नष्ट कर दिया गया था। इस हमले में शहीद बहादुर योद्धाओं की स्मृति में ‘दीव’ में यह स्मारक स्थापित किया गया है।
  • इस स्‍मारक के पास में ही कांच में आईएनएस खुखरी के एक छोटे से मॉडल को रखा गया है।
  • देश की 32 साल की शानदार सेवा के बाद हाल ही में दूसरा आईएनएस खुखरी (INS Khukri) सेवामुक्त (INS Khukri Decommissioned) हो गया।
5. हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने PMC Bank का एकीकरण किस बैंक के साथ किया?

उत्तर – Unity Small Finance Bank

  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने दिनांक 25 जनवरी, 2022 को घोषणा की कि सरकार ने पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी (PMC) बैंक का यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) के साथ एकीकरण के लिए एक मसौदा योजना को अधिसूचित किया है।

ज्वार की फसल से संबन्धित प्रश्न PGT/TGT

ज्वार की फसल से संबन्धित प्रश्न

ज्वार की खेती

1.     वनस्पतिक नाम – सोरघम वल्गेयर  ( Sorghum Vulgate )

2.   कुल – ग्रेमिनी ( घास वर्ग )

3.   उत्पत्ति – अफ्रीका ( डी कंडोल 1884 तथा हुकर 1897 के अनुसार )

4.   भारत में – वर्थ 1937 व अन्य वैज्ञानिक के अनुसार अफ्रीका के साथ साथ भारत भी है |

 

क्षेत्र –

विश्व में ज्वार उगाने वाले देश ( उत्तर एवं अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका , रूस, अफ्रीका, चीन, भारत , ईरान, तुर्कस्थान, कोरिया और आस्ट्रेलिया आदि |

भारत में –

 लगभल सभी राज्यो में पाया जाता है सबसे ज्यादा महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटका, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात आदि प्रधान प्रदेश है |

उत्तर प्रदेश –

 झाँसी, हमीरपुर, जालौन, बांदा , फतेपुर, इलाहाबाद, फ़र्रुखाबाद, मथुरा एवं हरदोई आदि |

 

·        इसे मोटे अनाजों का राजा कहते है |

·        रोटी खाने से पेलाग्र रोग होता है |

·        HCN नामक जहरीला रसायन बनता है |

·        HCN नामक जहरीला रसायन सबसे ज्यादा इसकी नयी पत्तियों में पायी जाती है |

इसका प्रयोग मनुष्य व पशुओ दोनों के काम आता है ,

ज्वार से दो चीजे प्राप्त होती है

·        ज्वार

·        चारा

 

1.     ज्वार – इसको बिभिन्न रूपो में प्राप्त किया जाता है |

मोटे अनाजों के रूप में, रोटी , उवाल कर खाया जाता है |

दक्षिण भारत में विशेष रूप से इसे दाने के लिए खेती की जाती है |

 

2 चारा – बिभिन्न रूप में प्रयोग करते है |

साइलेज

हारा चारा

सूखा चारा आदि बनाते है |

 

ज्वार से हमे प्राप्त होता है -

दानो से – अल्कोहल, वियर, चीनी आदि |

खेती करने के लिए –

मिट्टी –

बलुई दोमट, येसी भूमि जहा जल निकास का अच्छा प्रबंध हो |

बुआई का समय –

खरीफ की फसल –

 जून के अंतिम सप्ताह में और जुलाई के प्रथम सप्ताह में

रबी की फ़सल –

अक्तूबर से नवम्बर – कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश में रबी की फसल ली जाती है |

बीज़-

12-15 kg /ha

बीज शोध –

 थीरम या किसी अन्य रसायन से शोधित करे | इससे  फसल में कंडुआ रोग नहीं लगता है |

उर्वरक/खाद –

संकर प्रजाति के लिए -  80:40:20 kg

अन्य प्रजाति के लिए - 40:20:20 kg / ha

नत्रजन, फास्फोरस, पोटास NPK

खरपतवार –

निराई गुड़ाई से निकाले ( बुबाई के तीन सप्ताह बाद )

या रसायन का प्रयोग करे |

फसल सुरक्षा कीट –

1.     ज्वार की परोह मक्खी ( शूट फ्लाई )

2.   तनाछेदक कीट  ( सूँडी ताना छेड़ कर खाती )

3.   इयर हेड मिज  ( यह पुष्प पीआर अंडे देती है )

4.   इयर हेड कैटर पिलर (मुलायम दानो को खाकर नष्ट कर देते है )

5.   ज्वार का माइट   पत्तियों के निचले स्तर पर जाल बनाकर अंदर घुस कर रस चूसती है

कीट के लिय इंडोसल्फान रसायन का प्रयोग करे |

   

 

आलोक वर्मा

(एमएससी एजी, एम एड )

Info.yashrajedu@gmail.com

www.researchonagronomy.in


आज का इतिहास, 14 मार्च : विज्ञान के इतिहास में आज का दिन बेहद खास

14 मार्च का इतिहास: आज का दिन विज्ञान के इतिहास में खास है। चार्ल्स आइंस्टीन इस दुनिया में अवतरित हुए तो स्टीफन हाकिंग ने इस नश्वर संसार का त्याग किया।
यशराज ऑनलाइन एडुकेशन :- विज्ञान के इतिहास में 14 मार्च का खास महत्व है। दरअसल इस दिन एक महान वैज्ञानिक का जन्म हुआ था और इसी दिन एक अन्य महान वैज्ञानिक ने दुनिया से विदा ले ली थी। सापेक्षता का सिद्धांत और द्रव्यमान एवं ऊर्जा का संबंध बताने वाले महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्म 14 मार्च 1879 को हुआ था और अंतरिक्ष भौतिकी को नया स्वरूप देने वाले दूसरे महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग का निधन 17 मार्च 2018 को हुआ था। दोनों ही वैज्ञानिकों की महान मेधा को निर्विवाद स्वीकार किया गया।
हॉकिंग ने सिर्फ व्हीलचेयर पर बैठे-बैठे ही क्वांटम ग्रेविटी और ब्रह्माण्ड विज्ञान का अध्ययन किया और वह आइंस्टीन के बाद दुनिया के सबसे महान सैद्धांतिक भौतिकीविद् बने ।
देश दुनिया के इतिहास में 14 मार्च की तारीख पर दर्ज कुछ और महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-

1879 : अपने सापेक्षता के सिद्धांत से ब्रह्मांड की गुत्थियां सुलझाने वाले महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टाइन का जन्म।
1883: महान अर्थशास्त्री कार्ल मार्क्स का निधन ।
1905: फ्रांसीसी समाजशास्त्री, दार्शनिक और पत्रकार रेमंड आरों का जन्म।
1913 : मलयाली लेखक शंकरन कुट्टी पोट्टेक्कट का जन्म ।
1931: पहली बोलती भारतीय फिल्म ‘आलमआरा’ का प्रदर्शन हुआ।
1939: स्लोवाकिया ने आजादी की घोषणा की।
1963: प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी एवं राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे जयनारायण व्यास का निधन ।
1965: प्रसिद्ध भारतीय फिल्म अभिनेता आमिर खान का जन्म।
1998: सोनिया गांधी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष बनीं ।
2013: शी चिनफिंग ने चीन की बागडोर संभाली।
2016: रूस ने सीरिया से अपनी सेनाएं वापस बुलाने की घोषणा की।
2018 : कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में सैद्धांतिक भौतिक विज्ञान और गणित के प्रोफेसर रहे स्टीफन हॉकिंग का निधन। शारीरिक विकलांगता के बावजूद ब्रह्मांड विज्ञान के क्षेत्र मे उनके महत्वपूर्ण शोध कार्य उनके संकल्प और दृढ़ इच्छा शक्ति की मिसाल हैं।
2020 : देश में कोरोना से संक्रमित लोगों की तादाद 84 पर पहुंची।

विश्व दृष्टि दिवस जाने क्यों मनाया जाता है

 World Sight Day 2020


World Sight Day 2020: हर साल अक्टूबर के दूसरे गुरुवार को विश्व दृष्टि दिवस (World Sight Day) मनाया जाता है. इसका उद्देश्य दुनिया भर के लोगों द्वारा दृष्टि दोष और अंधेपन पर ध्यान केंद्रित करना है. इसकी पहल करने में इंटरनेशनल एजेंसी फॉर द प्रिवेंशन ऑफ ब्लाइंडनेस (IAPB) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. लायंस क्लब इंटरनेशनल फाउंडेशन (LCIF) के साइट फर्स्ट(SightFirst)  कैंपेन की एक पहल से विश्व दृष्टि दिवस(World Sight Day) की शुरुआत वर्ष 1990 में हुई थी. यह संगठन विश्व स्तर पर कई दृष्टि कार्यक्रम चलाता है, जिसमें नेत्र देखभाल प्रणालियों के विकास और रखरखाव, दृष्टि बहाल करने वाली सर्जरी के लिए सुविधाएं प्रदान करना और आंखों के रोगों से पीड़ित लोगों के लिए दवा का वितरण करना शामिल है. LCIF का दावा है कि साइट फर्स्ट(SightFirst)  ने दुनिया भर में 30 मिलियन से अधिक लोगों को अपनी दृष्टि वापस पाने या सुधारने में मदद की है.

IAPB विजन 2020 पहल के तहत वार्षिक विश्व दृष्टि दिवस(World Sight Day) की तैयारी करता है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से निजी और गैर-सरकारी संगठनों का एक गठबंधन है. हर साल, विश्व दृष्टि दिवस को चिह्नित करने के लिए एक अलग विषय रखा जाता है. इस वर्ष विश्व दृष्टि दिवस(World Sight Day) की थीम "होप इन साइट(Hooe In Sight)" है. यह दिवस लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है. ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा अपनी आंखों को दान कर एक नेत्रहीन की जिंदगी में दुनिया को देखने का जरिया बन सकें. आइए इस विश्व दृष्टि दिवस पर यह सुनिश्चित करने के लिए समाधान निकालें कि हर किसी को दृष्टि मिल सके. आइए #HopeInSight के संदेश को फैलाने का संकल्प लें.


विजन 2020 ग्लोबल इनीशिएटिव दृष्टिहीनता के नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए काम कर रहा है. आईएपीबी के अनुसार, अगर पर्याप्त उपचार मिले तो अंधेपन के पांच में से हर चार मामले ठीक किए जा सकते हैं. विजन 2020 यह भी कहता है कि 200 मिलियन से अधिक लोग मध्यम से गंभीर दृष्टि दोष से पीड़ित हैं, जो उपचार योग्य है, लेकिन कई स्थानों पर पर्याप्त सुविधाओं तक की कमी है.


तेजी से बढ़ती नेत्रहीनता

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एक अनुमान के अनुसार, विश्वभर में लगभग 285 मिलियन लोग नेत्रहीन हैं। इनमें से 39 लाख लोग अंधे और 246 मिलियन लोग मध्यम या गंभीर दृष्टि दोष वाले हैं। दृष्टि दोष के प्रमुख कारणों में असंशोधित अपवर्तक कमियां (43%) और मोतियाबिंद (33%) हैं। अधिकांश अंधेपन (लगभग 80 %) का बचाव यानि कि उपचार या रोकथाम की जा सकती है।


रोकथाम

अंधेपन की रोकथाम सभी स्वास्थ्य हस्तक्षेप में सबसे सस्ती-सुलभ एवं सफल हस्तक्षेप हैं। विश्व दृष्टि दिवस विज़न 2020 एक वैश्विक पहल है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2020 तक टालने योग्य अंधेपन को समाप्त करना है। इसका शुभारंभ 18 फरवरी 1999 में 20 से ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी नेत्र देखभाल संगठनों के साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा दृष्टिहीनता रोकथाम के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसी, आईएपीबी के तौर पर किया गया था।


आँखों की देखभाल

  • आँखों के अच्छे स्वास्थ्य को कैसे बनाए रखा जा सकता हैं
  • अच्छी दृष्टि के लिए स्वस्थ आहार का सेवन करें। संतुलित आहार का सेवन करें। अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जियों, अंडे, फलियों एवं गाजर को अधिक से अधिक मात्रा में शामिल करें।
  • धूम्रपान छोड़ें: धूम्रपान, मोतियाबिंद, ऑप्टिक एवं तंत्रिका क्षति के साथ-साथ दृष्टि से संबंधित कई तरह की समस्याओं को पैदा कर सकता है।
  • सूर्य की रोशनी के प्रत्यक्ष प्रभाव को रोकने के लिए यूवी संरक्षित धूप का चश्मा पहनें, जो कि आपकी आंखों की सुरक्षा के लिए बेहतर है।
  • सुरक्षा चश्मा पहनें। यदि आप कार्यस्थल पर ख़तरनाक पदार्थों से काम करते हैं, तो आपको अपनी आंखों की रक्षा करने के लिए सुरक्षा चश्मा अवश्य पहनना चाहिए।
  • यदि आप लंबी अवधि तक कंप्यूटर पर काम करते हैं, तो यह सुनिश्चित करें, कि आप अक्सर बीच-बीच में उठेंगे, आँखों का सूखापन कम करने के लिए आँखों को अधिक से अधिक बार झपकें।
  • टेलीविजन देखते या कंप्यूटर पर काम करते हुए एंटी ग्लेयर चश्मा पहनने की सलाह दी जाती है।
  • मंद प्रकाश में न पढ़े। यह आँखों को होने वाली परेशानियों के प्रमुख कारणों में से एक है।
  • आँखों के बेहतर स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए अपनी आँखों की नियमित जांच कराएं।
  • खिड़कियों एवं लाइट द्वारा कंप्यूटर पर पड़ने वाली चकाचौंध से बचने की कोशिश करें। यदि आवश्यक हों, तो एंटी ग्लेयर स्क्रीन का उपयोग करें।
  • यदि आप कॉन्टेक्ट लेंस पहनते हैं, तो उन्हें लंबी अवधि तक पहनने से बचें, कॉन्टेक्ट लेंस पहनते हुए तैराकी एवं सोने से बचें।
  • अपनी आँखों को आराम देने के लिए हर बीस मिनट में बीस फीट की दूरी पर बीस सेकंड के लिए देखें”।

नेत्रदान करें

आँखों के स्वास्थ्य को बनाए रखना केवल एक व्यक्ति का ही कर्तव्य नहीं है, बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। नेत्रदान द्वारा बड़ी संख्या में लोगों को लाभान्वित किया जा सकता हैं। “किसी को बेहतर दृष्टि देने के लिए आज ही अपनी आँखें दान करने की शपथ लें”।

नालंदा विश्वविद्यालय का इतिहास जाने

बिहार के नालंदा जिले में बना नालंदा विश्वविद्यालय दुनिया का सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय है। 450 ई. में इसकी स्थापना हुई थी। उस जमाने में यहाँ विभिन्न देशों के 10 हजार से अधिक विद्यार्थी निवास और अध्ययन करते थे। 12वीं शताब्दी में बख्तियार खलजी ने इसे तहस-नहस कर दिया था।

नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना गुप्त वंश के शासक कुमारगुप्त ने की। स्थापना के बाद इसे सभी शासक वंशों का समर्थन भी मिलता गया। महान शासक हर्षवर्धन ने भी इस विश्वविद्यालय के लिए दान दिया। इस विश्वविद्यालय को विदेशी शासकों की भी सहायता मिली। नालंदा विश्वविद्यालय के मठों का निर्माण प्राचीन कुषाण वास्तुशैली से हुआ था।

यह किसी आँगन के चारों ओर लगे कक्षों की पंक्ति के समान दिखाई देते थे। सम्राट अशोक तथा हर्षवर्धन ने यहाँ सबसे ज्यादा मठों, विहार तथा मंदिरों का निर्माण करवाया। इस प्रकार यह बारहवीं शताब्दी तक सफलतापूर्वक संचालित होता रहा, परंतु तुर्क आक्रमण में तबाह होने के बाद यह दोबारा स्थापित नहीं हो पाया। इस स्थान पर हुई खुदाई के बाद इसकी संरचनाओं का पता लगा। 14 हेक्टयर क्षेत्र में इस विश्वविद्यालय के अवशेष मिले हैं।

यहाँ की सभी इमारतों का निर्माण लाल पत्थर से किया गया है। आज भी हम इस विश्वविद्यालय की मुख्य दो मंजिला इमारत देख सकते हैं। माना जाता है कि शायद यहीं शिक्षक अपने छात्रों को संबोधित किया करते थे। यहाँ एक प्रार्थनागृह आज भी सुरक्षित अवस्था में है। इसमें भगवान बुद्घ की प्रतिमा रखी हुई है, परंतु वह थोड़ी खंडित हो गई है। इसके अलावा भी यहाँ बहुत से मंदिर हैं। मंदिर नंबर 3 से इस पूरे क्षेत्र का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। यह बुद्घ का मंदिर है, जिसमें कई छोटे-बड़े स्तूप हैं तथा प्रत्येक में भगवान बुद्घ की मूर्ति स्थापित है।

अध्ययन का प्रमुख केन्द्र

ऐसा माना जाता है कि महात्मा बुद्घ कई बार यहाँ आए। इसी वजह से पाँचवी शताब्दी से लेकर बारहवीं शताब्दी तक इसे बौद्घ शिक्षा के केन्द्र के रूप में भी जाना जाता था। सातवीं शताब्दी में ह्वेनसांग भी यहाँ अध्ययन करने आया था। उसके कई लेखों में यहाँ की अध्ययन प्रणाली, अभ्यास और मठवासी जीवन की पवित्रता का उत्कर्ष वर्णन मिलता है।

यह दुनिया का पहला आवासीय अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय था। यहाँ दुनियाभर से आकर 10000 छात्र अध्ययन किया करते थे और ये सब इसी विश्वविद्यालय में रहते भी थे। सोचिए, इतने सारे विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए यहाँ कितने शिक्षक होंगे? यहाँ 2000 शिक्षक पढ़ाते थे। यहाँ आने वाले विद्यार्थियों में बौद्घ यतियों की संख्या ज्यादा थी।

नालंदा पुरातत्वीय संग्रहालय

विश्वविद्यालय परिसर की विपरीत दिशा में एक छोटा-सा पुरातत्वीय संग्रहालय बना हुआ है। यहाँ खुदाई से प्राप्त अवशेषों को रखा गया है। इसमें भगवान बुद्घ की विभिन्न प्रकार की मूर्तियों का अच्छा संग्रह है। साथ ही बुद्घ की टेराकोटा मूर्तियाँ और प्रथम शताब्दी का दो जार भी इस संग्रहालय में रखा हुआ है।

इसके अलावा ताँबे की प्लेट, पत्थर पर खुदा अभिलेख, सिक्के, बर्तन तथा 12वीं सदी के चावल के जले हुए दाने रखे हुए हैं। नव नालंदा महाविहार एक शिक्षण संस्थान है। इसमें पाली साहित्य तथा बौद्घ धर्म की पढ़ाई एवं अनुसंधान होता है। यह एक नया संस्थान है। इसमें दूसरे देश के छात्र भी अध्ययन करने आते हैं।

ह्वेनसांग मेमोरियल हॉल

यह भी एक नवनिर्मित भवन है। यह भवन चीन के महान तीर्थयात्री ह्वेनसांग की याद में बनवाया गया है। इसमें उनसे संबंधित चीजें तथा उनकी मूर्ति देखी जा सकती है। नालंदा विश्वविद्यालय के जलने के बाद उससे जुड़े अधिकांश दस्तावेज समाप्त हो गए थे। ह्वेनसांग ने यहाँ से पढ़ाई करते हुए तथा उसके बाद इसके बारे में जो कुछ लिखा उससे हमें इस महान स्थान के बारे में काफी जानकारी मिल पाई।


( नालंदा यूनिवर्सिटी -नालंदा विश्वविद्यालय प्राचीन भारत (427AD से 1197तक) का उच्च शिक्षा का एक प्रमुख केन्द्र रहा है। यह बुद्ध धर्म की शिक्षा को समर्पित था ,लेकिन यहां विद्यार्थी कला ,चिकित्सा,गणित,ज्योतिष,राजनीति और युद्ध नीति की भी शिक्षा लेते थे। नालंदा यूनिवर्सिटी 8 कैम्पस में विभाजित थी जिनमें मंदिर , ध्यान केन्द्र, क्लास रूम,झीलें और पार्क थे। नालंदा में 9 मंजिला पुस्तकालय था ,जिसमें किताबें सुरक्षित रखी जाती थी और उनकी प्रतिलिपि बनाई जाती थी। नालंदा विश्वविद्यालय में लगभग 10000 विद्यार्थी और 2000 प्रोफेसर (शिक्षक) थे । नालंदा में कोरिया, जापान,चाइना,तिब्बत, इंडोनेशिया, पर्सिया और तुर्की तक के विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते थे। )


विश्व का सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय तक्षशिला विश्वविद्यालय

विश्व का सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय तक्षशिला विश्वविद्यालय




तक्षशिला विश्वविद्यालय तक्षशिला वर्तमान पाकिस्तान के रावलपिंडी शहर से लगभग 35 किमी ० दूरी पर स्थित था । यह नगर तत्कालीन राज्य की राजधानी था । वैदिक काल में यह वैदिक शिक्षा का मुख्य केन्द्र था । तक्षशिला विश्वविद्यालय के संस्थापक श्री राम के भाई भरत के पुत्र तक्ष ने उस नगर की स्थापना की थी।  यह विश्व का प्रथम विश्वविद्यालय था जिसकी स्थापना 700 वर्ष ईसा पूर्व में की गई थी।बाद में यह बौद्ध शिक्षा के मुख्य केन्द्र के रूप में विकसित हुआ । प्रारम्भ में तक्षशिला विश्वविद्यालय में केवल एक विधर का निर्माण हुआ था । पर आगे चलकर यहाँ अनेक विधरों का निर्माण हुआ । बड़े - बड़े शिक्षण कक्ष सभा भवन , विशाल पुस्तकालय शिक्षक निवास भवन छात्रावास तथा भोजनालय आदि का निर्माण एवं संचालन प्रारम्भ हुआ । इस विश्वविद्यालय का प्रमुख शिक्षु कुलपति होता था । उसकी अध्यक्षता में प्रमुख समितियों का गठन किया जाता था जो विश्वविद्यालय के विभिन्न कार्यों के सम्पादन और देख - रेख के लिए उत्तरदायी होता था । तक्षशिला विश्वविद्यालय के प्रवेश की न्यूनतम आयु 16 वर्ष थी प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा होती थी , केवल सफल छात्रों को ही प्रवेश दिया जाता था । प्रवेश के समय प्रत्येक छात्र को तत्कालीन 1000 मुद्रायें शुल्क के रूप में देनी पड़ती थी जो एक साथ सारी मुद्राएँ नहीं दे सकते थे , वे सुविधानुसार दे सकते थे जो शुल्क नहीं दे सकते थे वे विश्वविद्यालय में सेवा कार्य करके शिक्षा प्राप्त करते थे । इसी विश्वविद्यालय में वैदिक एवं बौद्ध धर्म की शिक्षा के साथ - साथ संस्कृत पाली भाषा वैदिक बौद्ध साहित्य व्याकरण दर्शन ज्योतिष अर्थशास्त्र की शिक्षा की उत्तम व्यवस्था थी । प्रसिद्ध अर्थशास्त्री चाणक्य सम्राट गुप्त तथा प्रसिद्ध चिकित्सक जीवन इसी विश्वविद्यालय के छात्र रहे थे । प्रकाण्ड विद्वान भिक्षु शिक्षण कार्य करते थे यहाँ हजारों की संख्या में छात्र शिक्षा ग्रहण करते थे । शिक्षा पूरी होने पर छात्रों की परीक्षा होती थी । सफल छात्रों को प्रमाण पत्र दिए जाते थे । यह संसार का सबसे पहला विश्वविद्यालय था । 550 ई.पू ० से 450 ई . तक के 1000 वर्षों तक शिक्षा के प्रमुख केन्द्र के रूप विकसित रहा । 5 वीं शताब्दी में बर्बर हूणों ने इसे नष्ट कर दिया तथा यूनेस्कों ने इसे अन्तर्राष्ट्रीय धरोहर माना है ।


राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्वपूर्ण दिन, National and International important days

  राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्वपूर्ण दिन 

दोस्तों यशराज ऑनलाइन एजुकेशन आप के लिए आज फिर एक नया टॉपिक लेकर आया है जो आप के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिवस है जो हमें राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय महत्वपूर्ण दिन की जानकारी निचे लिखी है| 

  राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्वपूर्ण दिन 

1. लुईस ब्रेल दिवस - 4 जनवरी

2. विश्व हास्य दिवस - 10 जनवरी

3. राष्ट्रीय युवा दिवस - 12 जनवरी

4. सेना दिवस - 15 जनवरी

5. कुष्ठ निवारण दिवस - 30 जनवरी

6. भारत पर्यटन दिवस - 25 जनवरी

7. गणतंत्र दिवस - 26 जनवरी

8. अंतर्राष्ट्रीय सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क दिवस - 26 जनवरी

9. सर्वोदय दिवस - 30 जनवरी

10. शहीद दिवस - 30 जनवरी

11. विश्व कैंसर दिवस - 4 जनवरी

12. रोज़ डे - 12 फरवरी

13. वेलेंटाइन डे - 14 फरवरी

14. अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस - 21 फरवरी

15. केंद्रीय उत्पाद शुल्क दिवस - 24 फरवरी

16. राष्ट्रीय विज्ञान दिवस - 28 फरवरी

17. राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस - 4 मार्च

18. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस - 8 मार्च

19. K & S फोर्स का स्थापना दिवस - 12 मार्च

20. विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस - 15 मार्च

21. आयुध निर्माण दिवस - 18 मार्च

22. विश्व वानिकी दिवस - 21 मार्च

23. विश्व जल दिवस - 22 मार्च

24. भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का शहीद दिवस - 23 दिन

25. विश्व मौसम विज्ञान दिवस - 23 मार्च

26. राममनोहर लोहिया जयंती - 23 मार्च

27. विश्व टीबी दिवस - 24 मार्च

28. ग्रामीण डाक जीवन बीमा दिवस - 24 मार्च

29. गणेश शंकर विद्यार्थी बलिदान दिवस - 25 मार्च

30. बांग्लादेश का राष्ट्रीय दिवस - 26 मार्च

31. विश्व रंगमंच दिवस - 27 मार्च

32. विश्व स्वास्थ्य दिवस - 7 अप्रैल

33. अंबेडकर जयंती - 14 अप्रैल

34. विश्व वैमानिकी दिवस - 14 अप्रैल

35. विश्व हीमोफीलिया दिवस - 17 अप्रैल

36. विश्व धरोहर दिवस - 18 अप्रैल

37. पृथ्वी दिवस - 22 अप्रैल

38. विश्व पुस्तक दिवस - 23 अप्रैल

39. विश्व श्रम दिवस - 1 मई

40. विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस - 3 मई

41. विश्व प्रवासी पक्षी दिवस - 8 मई

42. विश्व रेड क्रॉस दिवस - 8 मई

43. अंतर्राष्ट्रीय थैलेसीमिया दिवस - 8 मई

44. राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस - 11 मई

45. विश्व संग्रहालय दिवस - 18 मई

46. ​​विश्व नर्स दिवस - 12 मई

47. विश्व परिवार दिवस - 15 मई

48. विश्व दूरसंचार दिवस - 17 मई

49. आतंकवाद विरोधी दिवस - 21 मई

50. जैव विविधता दिवस - 22 मई

51. माउंट एवरेस्ट दिवस - 29 मई

52. विश्व तंबाकू निषेध दिवस - 31 मई

53. विश्व पर्यावरण दिवस - 5 जून

54. विश्व रक्तदान दिवस - 14 जून

55. अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति स्थापना दिवस - 6 जून

56. विश्व शरणार्थी दिवस - 20 जून

57. राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस - 29 जून

58. पीसी महालनोबिस का जन्मदिन - 29 जून

60. भारतीय स्टेट बैंक का स्थापना दिवस - 1 जुलाई

61. चिकित्सक दिवस - 1 जुलाई

62. डॉ। विधान चंद्र राय का जन्मदिन - 1 जुलाई

63. विश्व जनसंख्या दिवस - 11 जुलाई

64. कारगिल स्मृति दिवस - 26 जुलाई

65. विश्व स्तनपान दिवस - 1 अगस्त

66. विश्व युवा दिवस - 12 अगस्त

67. स्वतंत्रता दिवस - 15 अगस्त

68. राष्ट्रीय खेल दिवस - 29 अगस्त

69. ध्यानचंद्र का जन्मदिन - 29 अगस्त

70. शिक्षक दिवस - 5 सितंबर

71. अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस - 8 सितंबर

72. हिंदी दिवस - 14 सितंबर

73. विश्व बंधुत्व और माफी दिवस - 14 सितंबर

74. अभियंता दिवस - 15 सितंबर

75. संचय दिवस - 15 सितंबर

76. ओजोन प्रतिधारण दिवस - 16 सितंबर

77. आरपीएफ स्थापना दिवस - 20 सितंबर

78. विश्व शांति दिवस - 21 सितंबर

79. विश्व पर्यटन दिवस - 27 सितंबर

80. वृद्ध व्यक्तियों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस - 1 अक्टूबर

81. लाल बहादुर शास्त्री जयंती - 2 अक्टूबर

82. अहिंसा का अंतर्राष्ट्रीय दिवस - 2 अक्टूबर

83. विश्व प्रकृति दिवस - 3 अक्टूबर

84. विश्व पशु कल्याण दिवस - 4 अक्टूबर

85. विश्व शिक्षक दिवस - 5 अक्टूबर

86. विश्व वन्यजीव दिवस - 6 अक्टूबर

87. वायु सेना दिवस - 8 अक्टूबर

88. विश्व डाक दिवस - 9 अक्टूबर

89. विश्व दृष्टि दिवस - 10 अक्टूबर

90. जयप्रकाश जयंती - 11 अक्टूबर

91. विश्व मानक दिवस - 14 अक्टूबर

92. विश्व एलर्जी जागरूकता दिवस - 16 अक्टूबर

93. विश्व खाद्य दिवस - 16 अक्टूबर

94. विश्व आयोडीन की कमी दिवस - 21 अक्टूबर

95. संयुक्त राष्ट्र दिवस - 24 अक्टूबर

96. विश्व बचत दिवस - 30 अक्टूबर

97. इंदिरा गांधी की पुण्य तिथि - 31 अक्टूबर

98. विश्व सेवा दिवस - 9 नवंबर

99. राष्ट्रीय कानूनी साक्षरता दिवस - 9 नवंबर

100. बाल दिवस - 14 नवंबर

101. विश्व मधुमेह दिवस - 14 नवंबर

102. विश्व छात्र दिवस - 17 नवंबर

103. राष्ट्रीय पत्रकारिता दिवस - 17 नवंबर

104. विश्व वयस्क दिवस - 18 नवंबर

105. विश्व नागरिक दिवस - 19 नवंबर

106. सार्वभौमिक बाल दिवस - 20 नवंबर

107. विश्व टेलीविजन दिवस - 21 नवंबर

108. विश्व मांस निषेध दिवस - 25 नवंबर

109. विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस - 26 नवंबर

110. राष्ट्रीय कानून दिवस - 26 नवंबर

111. विश्व एड्स दिवस - 1 दिसंबर

112. नौसेना दिवस - 4 दिसंबर

113. रासायनिक दुर्घटना निवारण दिवस - 4 दिसंबर

114. अंतर्राष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस - 5 दिसंबर

115. नागरिक सुरक्षा दिवस - 6 दिसंबर

116. झंडा दिवस - 7 दिसंबर

117. अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन दिवस - 7 दिसंबर

118. अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस - 10 दिसंबर

119. विश्व बाल कोष दिवस - 11 दिसंबर

120. विश्व अस्थमा दिवस - 11 दिसंबर

121. राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस - 14 दिसंबर

122. गोवा मुक्ति दिवस - 19 दिसंबर

123. किसान दिवस - 23 दिसंबर

124. राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस - 24 दिसंबर

125. सीआरपीएफ स्थापना दिवस - 28 दिसंबर