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भारतं के सभी राज्यों के प्रथम मुख्यमंत्रियों के नाम

भारतं के सभी राज्यों के प्रथम मुख्यमंत्रियों के नाम 




  • जम्मू एवं कश्मीर - गुलाम मोहम्मद सद्दीक
  • हरियाणा - भगवत दयाल शर्मा
  • हिमाचल प्रदेश - यशवंत सिंह परमार
  • पंजाब - डॉ॰ गोपीचन्द भार्गव
  • दिल्ली - चौधरी ब्रह्म प्रकाश
  • उत्तराखण्ड - नित्यानन्द स्वामी
  • राजस्थान - हीरालाल शास्त्री
  • उत्तर प्रदेश - गोविन्द वल्लभ पन्त
  • बिहार - श्री कृष्ण सिन्हा
  • झारखण्ड - बाबूलाल मरांडी
  • पश्चिम बंगाल - प्रफुल्ल चन्द्र घोष
  • ओडिशा - हरेकृष्णा महतब
  • छत्तीसगढ़ - अजीत जोगी
  • मध्य प्रदेश - पं. रविशंकर शुक्ल
  • गुजरात - डॉ॰ जीवराज नारायण मेहता
  • महाराष्ट्र -- यशवन्त राव चव्हाण
  • गोवा -- दयानंद बांदोडकर
  • आंध्र प्रदेश -- नीलम संजीव रेड्डी
  • तमिलनाडु -- पी.एस. कुमारस्वामी राजा
  • केरल -- इ.एम.एस. नंबूदिरीपाद
  • असम -- गोपीनाथ बारदलोई
  • मणिपुर -- एम. कोइरंग सिंह
  • मेघालय -- डब्ल्यू. ए. संगमा
  • सिक्किम -- के.एल. दोरजी खंगसरपा
  • नागालैण्ड -- पी. शैलू ओ
  • अरुणाचल प्रदेश -- प्रेमखाण्डू थंगन
  • मिजोरम -- एल. चल छंगा

हिंदी महत्वपूर्ण, उपन्यासकार कहानीकार निबंधकार - जो एग्जाम में पूछे जाते हैं। by YashRaj Online Education

 

हिंदी महत्वपूर्ण, उपन्यासकार कहानीकार निबंधकार - जो एग्जाम में पूछे जाते हैं।

 

लेखक

 

प्रेमचंद

गोदान, गबन, कर्मभूमि, रंगभूमि, निर्मला, सेवासदन

हज़ारी प्रसाद द्विवेदी

बाणभट्ट की आत्मकथा,चारुचंद्र लेख, पुनर्नवा, अनामदास का पोथा

अज्ञेय

शेखर एक जीवनी,नदी के द्वीप, अपने-अपने अजनबी

फणीश्वरनाथ रेणु

मैला आँचल, परती-परिकथा, जुलूस, कितने चौराहे

कृष्णा सोबती

सूरजमुखी अंधेरे में, ज़िंदगीनामा, समय सरगम

कहानीकार

चन्द्रधर शर्मा गुलेरी

उसने कहा था, सुखमय जीवन, बुद्धू का कांटा

प्रेमचंद

पंच परमेश्वर, बूढ़ी काकी, पूस की रात, ईदगाह, सुजान भगत और कफ़न

अज्ञेय

विपथगा, कोठरी की बात, शरणार्थी, हिलिबोन की बत्तखें, मेजर चौधरी की वापसी

निर्मल वर्मा

परिंदे, जलती झाड़ी, बीच बहस में, कव्वे और काला पानी

मन्नू भंडारी

मैं हार गई, त्रिशंकु, यही सच है

निबन्धकार

भारतेंदु हरिश्चंद्र

बादशाह दर्पण, नाटक, हिंदी भाषा, ईश्वर बड़ा विलक्षण है, एक अद्भुत अपूर्व स्वप्न

अध्यापक पूर्ण सिंह

सच्ची वीरता, आचरण की सभ्यता, मजदूरी और प्रेम, कन्यादान

बाबू ग़ुलाबराय

ठलुवा क्लब, फिर निराशा क्यों, मेरी असफलताएँ, कुछ उथले-कुछ गहरे

जयशंकर प्रसाद

छायावाद, रहस्यवाद, यथार्थवाद, छायावाद और रस

हज़ारी प्रसाद द्विवेदी

अशोक के फूल, नाखून क्यों बढ़ते हैं, देवदारु, कुटज, बसन्त आ गया है आदि।

 

प्रेमचंद्र का जीवन परिचय by आलोक वर्मा


प्रेमचंद्र का जीवन परिचय

व्यक्तित्व

प्रेमचंद्र का जन्म लमहीम ग्राम ( वाराणसी ) के एक निर्धन कृषक परिवार में 31 जुलाई , सन् 1880 में हुआ था

इन्होंने बी०ए० तक शिक्षा प्राप्त की प्रेमचन्द का बचपन कठिनाइयों में व्यतीत या जीवन की विषम परिस्थितियों में भी उनका अध्ययन क्रम चलता रहा उन्हान उदूक विपोष ज्ञान प्राप्त किया जीवन - संघर्ष में जझते हए वे एक स्कूल - अध्यापक सब डिप्टा इस्लप पद पर भी आसीन हुए थे वे कुछ समय तक काशी - विद्यापीठ में अध्यापक भी रहे उन्होंने कई साहित्यिक पत्रों का सम्पादन किया , जिनमें ' हंस प्रमुख है आत्म - गौरव के साथ उन्होंने साहित्य के उच्च - आदशी की रक्षा की उनका बचपन का नाम धनपतराय था , किन्तु ' उर्दू में वे ' नवाबराय के नाम से कहानी लिखते थे वे अंग्रेजी सरकार के कोप - भाजन भी रहे उन्होंने प्रेमचंद नाम से हिन्दी में सामाजिक कहानियों की रचना की तथा शीघ्र ही लोकप्रिय कथाकार हो गये हिन्दी पत्र पत्रिकाओं ने उनकी रचनाओं को अति महत्व दिया उपन्यासकार , कहानीकार , सम्पादक , अनुवादक , नाटककार , निबन्ध - लेखक आदि के रूप में प्रेमचन्द प्रतिष्ठित हए उनके कृतित्व में जीवन सत्य का आदर्श रूप उभरकर आया है , परिणामस्वरूप वे सार्वभौम कलाकार के रूप में प्रतिष्ठित हए 8 अक्टूबर , सन् 1936 ई० को आपका असामयिक निधन हो गया


कृतित्व-
प्रेमचन्द के कहानी - संग्रह हैं - ' सप्त - सरोज ' , ' नवनिधि ' , ' प्रेमपूर्णिमा ' , ' बड़े घर की बेटी ' , ' लालफीता ' , ' नमक का दारोगा ' , ' प्रेम - पचीसी ' , ' प्रेम - प्रसून ' , ' प्रेम - द्वादशी ' , ' प्रेम - प्रमोद ' , ' प्रेम - तीर्थ ' , ' प्रेम - चतुर्थी ' , ' प्रेम - प्रतिज्ञा ' , ' सप्तसुमन ' , ' प्रेम - पंचमी ' , ' प्रेरणा ' , ' समर यात्रा ' , ' पंच - प्रसून ' , ' नवजीवन ' आदि आपके प्रसिद्ध उपन्यास हैं - - ' सेवासदन ' , ' प्रेमाश्रम ' , ' निर्मला ' , ' रंगभूमि ' , ' कायाकल्प ' , ' गबन ' , ' कर्मभूमि ' , ' गोदान ' , ' मंगल सूत्र ' ( अपूर्ण ) नाटकों में ' संग्राम ' कर्बला ' , ' प्रेम की वेदी हैं
जीवनी , निबन्ध , अनुवाद और बालोपयोगी - साहित्य भी आपने रचा