परिवाहन, राष्ट्रीय मार्ग

परिवहन

 ( Transportation )


  • देश के निरंतर विकास में सुदृढ़ परिवहन की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है । वर्तमान में देश में यातायात के अनेक साधन जैसे - सड़क , रेल , नौ संचालन , वायु परिवहन आदि हैं । परिवहन प्रणाली के कुल मार्गों का लगभग 84 % सड़कें , 90 % रेलें , 6 % वायुमार्ग एवं 2 % जलमार्ग हैं ।

सड़क परिवहन ( Road Transport )


  • भारत विश्व की दूसरी सबसे बड़ी सड़क प्रणाली वाले देशों में से एक है ।
  • इस समय देश में सड़कों की कुल लम्बाई 48 . 65 लाख कि . मी . है ।
  • लम्बाई के अनुसार सड़कों का वितरण इस प्रकार है
राष्ट्रीय राजमार्ग / एक्सप्रेस मार्ग      1 , 00 , 475 कि मी .
राज्यों के राजमार्ग                        1 , 48 , 259 कि मी .
ग्रामीण एवं अन्य सड़कें                49 , 83 , 579 किमी .

मुख्य जिला सड़कें                      4 , 67 , 763 कि . मी .

( 1 ) राष्ट्रीय राजमार्ग ( National Highways )


  •   इनके विकास एवं रख - रखाव का काम केन्द्र सरकार का है ।

  • सभी राष्ट्रीय राजमार्गों के रख - रखाव का काम केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग ( CPWD ) , भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और सीमा सड़क संगठन द्वारा होता है ।

  • इनकी कुल लम्बाई 1 , 00 , 475 कि . मी . है ।
  • विश्व की सबसे ऊँची सड़क मनाली - लेह राजमार्ग है । 2006 में उसे राष्ट्रीय राजमार्ग ID घोषित किया गया ।
  • देश का सबसे लम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग नं . 7 है , जो वाराणसी कन्याकुमारी तक जाता है तथा इसकी लं . 2 , 369 किमी . है । सही की कुल लम्बाई में इनका योगदान मात्र 1 . 7 % है , परन्तु 400 / यातायात इन्हीं राजमार्गों से गुजरता है ।
  • भारत का सबसे छोटा राष्ट्रीय राजमार्ग ( NH ) - 47A है , जो 6 किमी है । यह केरल के बेम्बनाद झील में स्थित झील वेलिंग्टन द्वीप में है ।
  • राष्ट्रीय राजमार्ग की लम्बाई में पहले तीन राज्य - 1 . उत्तर प्रदेश ( 7 , 863 कि . मी . ) , 2 . राजस्थान ( 7 , 806 कि मी . ) 3 . महाराष्ट्र ( 6 , 335 कि मी . ) ।

प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग 

( Major National Highways )

प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग               कहाँ से कहाँ तक

NHI                   दिल्ली – अंबाला – जालंधर - अमृतसर - भारत पाक सीमा ( शेरशाह सूरी मार्ग )
NH - 2               दिल्ली – मथुरा – आगरा – कानपुर - इलाहाबाद – वाराणसी – कोलकाता
NH - 3                आगरा – ग्वालियर - देवास – मुम्बई
NH - 4                थाणे - पुणे - बंगलुरू - चेन्नई
NH - 5               बहरागोड़ा - चेन्नई
NH - 7               वाराणसी - जबलपुर - नागपुर - हैदराबाद - बंगलुरू - मदुरै – कन्याकुमारी ( देश का सबसे लम्बा राजमार्ग 2 , 369 कि . मी . )
NH - 8               दिल्ली - जयपुर - अजमेर - उदयपुर - अहमदाबाद - बड़ोदरा – मुम्बई
NH - 17             पानवेल - इडापेल्ली
NH - 28              दिल्ली - लखनऊ
NH - 47A          विलिंग्टन आईलैण्ड - कोचीन बाई पास ( सबसे छोटा राजमार्ग 6 कि . मी . )
NH - 1A           जालंधर - ऊरी ( जम्मू - कश्मीर होकर ) यह जवाहर सुरंग से होकर गुजरती है ।. 

भारत के चार शीर्ष लम्बाई वाले राष्ट्रीय राजमार्ग

( Top four National Highways in India )

प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग          कहाँ से कहाँ तक
NH - 7 ( 2 , 639 कि . मी . )      वाराणसी – कन्याकुमारी
NH - 6 ( 1 , 949 कि . मी . )     कोलकाता – हजीरा
INH - 5 ( 1 , 533 कि . मी . )    चेन्नई - बहरागोड़ा
NH - 15 ( 1 , 526 कि . मी . )  पठानकोट - सामखियाली

( ii ) राज्य राजमार्ग ( State Highwaye) 


  • इन राजमार्गों के निर्माण तथा रख - रखाव का कार्य राज्य लाक निर्माण विभाग का है ।
  • इनकी कुल लम्बाई 1 , 42 , 687 किमी है ।
  • एशिया का सबसे बड़ा रोप वे ( रज्जमार्ग ) गढ़वाल में जोशीमठ एव ऑली को जोड़ता है ।

( iii ) राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना ( NHDP )


  • यह देश की सबसे बड़ी राजमार्ग परियोजना है जिसका क्रियान्वयन राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है ।

इस परियोजना के दो घटक हैं -

( a ) स्वर्णिम चतुर्भुज - इसमें दिल्ली - मुम्बई - चेन्नई - कोलकाता चार महासागरों को जोड़ने वाली 5 , 846 कि . मी . लम्बाई शामिल है ।
( b ) उत्तर - दक्षिण एवं पूर्व - पश्चिम गलियारे - इनकी कुल लम्बाई 27 , 412 कि . मी . है ।
  • यह उत्तर में श्रीनगर से दक्षिण में कन्याकुमारी तक एवं पूर्व में सिलचर से पश्चिम में पोरबंदर तक है ।

( iv ) केन्द्रीय सड़क कोष ( Central Road Fund )


  • केन्द्र सरकार ने पेट्रोल एवं डीजल पर अधिभार लगाकर केन्द्रीय सड़क कोष स्थापित किया है ।
  • इस धन से राष्ट्रीय राजमार्गों , राज्य सड़कों , ग्रामीण सड़कों का निर्माण और रख - रखाव आदि किया जाता है ।

( v ) सरकारी - निजी भागीदारी ( Public - Private Partnership )


  • अतीत में सड़क निर्माण का कार्य सरकार द्वारा ही किया जाता था , क्योंकि संसाधनों की आवश्यकता , लम्बी अवधि अनिश्चित प्रतिलाभ आदि जुड़े कारक थे ।
  • सरकार ने यह निर्णय लिया कि राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना के चरण - 3 से चरण - 7 तक सभी उप - परियोजनाएँ मुख्यतः सार्वजनिक निजी भागीदारी विधि से निर्माण , प्रचालन और हस्तांतरण आधार पर आरम्भ की जाएंगी ।

                                                                                

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