1 . कैलेण्डर
- सामान्य वर्ष - सामान्य वर्ष में वर्ष का पहला एवं अंतिम दोनों ही दिन समान होता है ।
- लीप वर्ष - लीप वर्ष में वर्ष का पहला दिन एवं अंतिम दिन दोनों ही असमान है तथा पहले दिन की तुलना में अंतिम दिन एक दिन बढ़ जाता है ।

- सप्ताह - प्रत्येक सप्ताह में कुल 7 दिन होते हैं ।
- दिन किसी भी दिन में 7 जोड़ने पर या 7 दिन घटाने पर पुनः वही दिन प्राप्त होता है ।
महत्त्वपूर्ण स्मरणीय तथ्य
- एक साधारण वर्ष = 365 दिन = 52 सप्ताह + 1 विषम दिन
- एक लीप वर्ष = 366 दिन = 52 सप्ताह + 2 विषम दिन ।
- 100 वर्ष = 76 साधारण वर्ष + 24 लीप वर्ष । = 76 विषम दिन + 2x24 लीप दिन । = 76 + 48 = 124 विषम दिन = 17 सप्ताह + 5 दिन = 5 विषम दिन ।
- 200 वर्षों में विषम दिनों की संख्या = 2x5 / 7 = 1 सप्ताह + 3 दिन = 3 विषम दिन ।
- 300 वर्षों में विषम दिनों की संख्या = 3x5 = 2 सप्ताह + 1 दिन 1 विषम दिन ।
- 400 वर्षों में विषम दिनों की संख्या 4x5 = 20 दिन अब चूँकि 400वाँ वर्ष लीप वर्ष होता है , अतः विषम दिनों की संख्या = 20 + 1 = 21 , जो 7 से पूर्णतया विभाज्य है । ( शेष 0 ; भागफल 3 ) । अथात् 0 विषम दिन : 400 वर्षों में कोई विषम दिन नहीं होता ।
- 30 दिन वाले महीनों में विषम की संख्या = 30 / 7 = 4 सप्ताह = 2 दिन = 2 विषम दिन । 31 दिन वाले महीनों में विषम दिनों की संख्या - 31 / 724 सप्ताह + 3 दिन = 3 विषम दिन ।
- फरवरी माह एक सामान्य / साधारण वर्ष में विषम दिनों की संख्या = 28/ 7 - 4 सप्ताह + 0 दिन कोई विषम दिन नहीं ।
- एक लीप वर्ष में विषम दिनों की संख्या - 29 / 7 34 सप्ताह । 1 दिन = 1 विषम दिन ।
- लीप अथवा अधिवर्ष ( Leap Year ) 366 दिनों का होता है तथा लीप वर्ष की गणना हेतु उस ( दिए गए ) वर्ष को 4 से भाग देते हैं । यदि भागफल पूर्णांक में आता है तो वह वर्ष लीप वर्ष होगा ।
- सभी शताब्दी वर्ष अधिवर्ष नहीं होते । तीन शताब्दी वर्षों को छोड़कर , चौथा शताब्दी वर्ष ( 400 ) लीप वर्ष होता है । अर्थात् शताब्दी वर्ष 400 वर्षों पर आता है ।
- शताब्दी लीप वर्ष में 366 दिन होते है और इसे ज्ञात करने के सम्बन्धित शताब्दी वर्ष को 400 से विभाजित करते हैं । यदि भागफल पूर्णांक में आता है तो वह वर्ष शताब्दी लीप वर्ष होगा ।
- एक सौर वर्ष = 365 दिन , 5 घण्टा , 48 मिनट , 47 - सेकण्ड । कैलेण्डर का प्रारम्भ : सोमवार , 1 जनवरी 1A . D . एक वृत्तीय चार्ट के अनुसार दिनों के संगत विषम दिन निम्न प्रकार से होते हैं । रविवार = 0 सोमवार = 1 , मंगलवार = 2 , बुधवार = 3 ,
- किसी दिन या वार की पुनरावृत्ति प्रत्येक 7 , 14 , 2128 , . . . . . . . . 364 दिनों के बाद होती है ।
- किसी शताब्दी का अन्तिम दिन मंगलवार , बृहस्पतिवार तथा शनिवार नहीं हो सकता , लेकिन बुधवार , शुक्रवार तथा रविवार हो सकता है ।
- किसी शताब्दी का पहला दिन सोमवार , मंगलवार , बृहस्पतिवार , शुक्रवार या शनिवार हो सकता है ।
- अगर किसी साधारण वर्ष के किसी महीने की किसी तारीख को सोमवार या कोई भी वार है , तो अगले साधारण वर्ष में उसी महीने की उसी तारीख को वह वार । से बढ़ जायेगा । यथा , अगर यदि 2006 में 1 जनवरी को रविवार है तो 2007 में । जनवरी को सोमवार होगा ।
- प्रत्येक लीप वर्ष में किसी विशिष्ट दिन या तारीख का वार अगले वर्ष दो से बढ़ जायेगा । यथा , अगर । जनवरी , 2007 को सोमवार है तो 1 जनवरी , 2008 को बुधवार होगा ।
- वर्ष में जनवरी , मार्च , मई , जुलाई अगस्त , अक्टूबर और दिसम्बर , कुल सात महीने , प्रत्येक 31 दिनों के होते हैं ।
- अप्रैल , जून , सितम्बर और नवम्बर , कुल चार महीने , प्रत्येक 30 दिन के होते हैं । वर्ष के चार भागों में दिनों की संख्या निम्न प्रकार से है : प्रथम तिमाही : 1 जनवरी से 31 मार्च : 90 ( 91 , लीप वर्ष में दिन )
तिमाही : 1 जुलाई से 30 सितम्बर : 92 चौथी
तिमाही : 1 अक्टूबर से 31 दिसम्बर : 92
- बुधवार + 2 दिन = शुक्रवार
शुक्रवार + 3 दिन = सोमवार
2 . भारतीय मुद्रा ( रुपया - पैसा )
जैसा कि हम जानते हैं धन का मुख्य प्रयोग वस्तुओं को खरीदने के लिए होता है । यह मुद्रा नोट और धातु के सिक्कों के रूप में प्रचलित है । भारत में मुद्रा नोट को ₹ के रूप में तथा धातु के सिक्कों को रुपये और पैसे के रूप में अंकित है । यह मुद्रा ₹ 5 , ₹10 , ₹20 , ₹50 , ₹ 100 , ₹ 500 , ₹ 2000 के नोट के रूप में प्रचलित है । ₹1 = 100 पैसे ।3 . मिश्रण
- मिश्रण ( Misture ) - जब किन्ही दो या दो से अधिक पदार्थों किसी विशेष अनुपात में मिलाकर नया पदार्थ बनाया जाता है तो नये र पदार्थ को मिश्रण कहते है ।
- मिश्रानुपात ( Alligation ) - जब दो या दो से अधिक विभिन्न बीमतो पर के पदार्थों को एक विशेष अनुपात में इस प्रकार मिलाया जाये कि प्राप्त मिश्रण की कीमत उन दोनों पदार्थों की कीमत के योग के समान हो जाये तो उन वस्तुओं का वह विशेष अनुपात मिश्रनुपात ( Alligation ) कहलाता है ।
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By आलोक वर्मा



