राष्ट्र गीत : वन्दे मातरम्
( National Song : Vande Mataram )
- भारत का राष्ट्रीय गीत बंकिमचन्द्र चटर्जी द्वारा लिखित ' वन्देमातरम् ' है । इसे बंकिमचन्द्र चटर्जी द्वारा लिखित ' आनन्दमठ ' से लिया गया है ।
- यह गीत स्वतन्त्रता संग्राम के दौरान लोगों की प्रेरणा का स्रोत माना जाता था । संविधान परिषद् में 24 जनवरी , 1950 को इस राष्ट्रगीत को भी राष्ट्रीयगान का गौरव प्रदान किया गया ।
- कहा जाता है कि गुरुदेव रबीन्द्रनाथ ठाकुर ने इसकी धुन तैयार कर गाया था और महर्षि अरबिन्द घोष ने इस गीत की व्याख्या कर इसे गहरा अर्थ प्रदान किया था जिससे भारत को नव राष्ट्रवाद की प्रेरणा प्राप्त हुई ।
- राष्ट्रीय गीत ' वन्दे मातरम् ' का अंग्रेजी अनुवाद सर्वप्रथम अरबिन्द घोष ने किया , जबकि इसका उर्दू अनुवाद आरिफ मोहम्मद खान ने किया था ।
- इस गीत की रचना सितम्बर - अक्टूबर 1874 में हुई थी । वास्तव में सम्पूर्ण गीत में पाँच पद हैं , परन्तु इसका प्रथम पद ही राष्ट्रगीत के रूप में स्वीकार किया गया है ।
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1896 का अधिवेशन वह पहला राजनीतिक अवसर था , जब इसे गाया गया था । गीत के गाने की अवधि एक मिनट पाँच सेकण्ड है ।
- सर्वप्रथम 1927 में फाँसी के फन्दे पर झूलते हुए वन्देमातरम् गाने वाले अशफाक उल्लाह खान थे ।
- B . B . C . World Service द्वारा वर्ष 2003 में किये गये एक अन्तर्राष्ट्रीय सर्वेक्षण में ' वन्देमातरम् ' को विश्व के शीर्ष 10 राष्ट्रगीतों में दूसरे स्थान पर रखा गया । इस सूची में पहला स्थान आयरलैण्ड के राष्ट्रीय गीत ' A Nation Once Again ' को मिला ।
- रूपान्तरण को 24 जनवरी , 1950 को भारत में राष्ट्रगान के रूप में अंगीकार किया ।
- पूरे राष्ट्र गान में 5 अंतरे हैं और इसके गाने का कुल समय 52 सेकण्ड निर्धारित है । कछ विशेष अवसरों पर राष्ट्रगान की धुन को संक्षिप्त रूप में भी बजाया जाता है , जिसमें इसकी प्रथम और अंतिम पंक्तियाँ होती हैं और गाने का समय 20 सेकण्ड होता है ।
- यह गीत सर्वप्रथम भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में 27 दिसम्बर , 1911 को गाया गया था । मूल रूप में यह गीत 5 पदों में है , किन्तु राष्ट्रीय गान के रूप में इसका मात्र प्रथम पद , जिसमें 13 पंक्तियाँ हैं , ही मान्य है ।
- यह गान जनवरी 1912 में ' तत्त्वबोधिनी ' नामक पत्रिका में ' भारत भाग्य विधाता ' शीर्षक से सर्वप्रथम प्रकाशित हुआ था ।
- गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर ने ही बांग्लादेश के राष्ट्रीय गान ' आमार सोनार बांग्ला ' की भी रचना की थी ।
- दूरसंचार विभाग ने 10 नवम्बर , 2010 को अपनी एक विज्ञप्ति के द्वारा राष्ट्रगान को ' कॉलर ट्यून ' नहीं बनाने के निर्देश जारी किये ।
- रबीन्द्रनाथ टैगोर ने राष्ट्रीय गान का अंग्रेजी अनुवाद 1919 में Morning Song of India ' शीर्षक से किया था । 15 नवम्बर , 2010 को दूर संचार विभाग ने अपनी एक विज्ञप्ति के द्वारा राष्ट्रगान को कॉलर ट्यून ' नहीं बनाने का निर्देश जारी किया ।
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