3 मार्च का इतिहास विश्व वन्यजीव दिवस

विश्व वन्यजीव दिवस- World Wildlife Day In Hindi

World Wildlife Day In Hindi

World Wildlife Day In Hindi- 20 दिसंबर 2013 को, अपने 68 वें सत्र में, संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 3 मार्च को विश्व वन्यजीव दिवस के रूप में मनाने और दुनिया के जंगली जानवरों और पौधों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए घोषित किया। संयुक्त राष्ट्र संघ के संकल्प ने संयुक्त राष्ट्र के कैलेंडर पर वन्यजीवों के लिए इस विशेष दिन के वैश्विक पालन के लिए CITES सचिवालय को सूत्रधार के रूप में नामित किया है।

विश्व वन्यजीव दिवस, 2020: Wolrd Wildlife Day 2020



इस बार का विश्व वन्यजीव दिवस 3 मार्च को मंगलवार के दिन मनाया जाएगा। वन्यजीव दिवस के इतिहास में पहली बार वर्ष 2020 में जलीय जीवों की प्रजातियों पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस वर्ष वन्यजीव दिवस की थीम है “Sustaining All Life On Earth”

विश्व वन्यजीव दिवस क्यों मनाया जाता है? Why Do We Celebrate Wolrd Wildlife Day In Hindi


समस्त विश्व जीव-जंतु तथा पेड़- पौधों की विभिन्न प्रजातियों से भरा हुआ है। सभी प्रजातियों के जीव, जंतु, पेड़, पौधे तथा पक्षी पारिस्थितिकी तंत्र के अस्तित्व के लिए अपने-अपने तरीकों से महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। वन्यजीव मानव अस्तित्व के समय से ही धरती पर उपस्थित हैं, तथा एक- दूसरे के जीवन का अभिन्न अंग भी बन चुके हैं।
वन्यजीवों से हमे भोजन तथा औषधियों के अलावा भी अनेक प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं, जैसे कि वन्यजीव जलवायु को संतुलित रखने में सहायता करते हैं। ये वर्षा को नियमित रखने तथा प्राकृतिक संसाधनों की पुनःप्राप्ति में सहयोग करते हैं।
पर्यावरण में जीव-जंतु तथा पेड़-पौधों के योगदान को पहचानकर तथा धरती पर जीवन के लिए वन्यजीवों के अस्तित्व को अनिवार्य स्वीकार करते हुए, 3 मार्च, 1973 में यूनाइटेड नेशन्स द्वारा साइट्स (CITES: Convention On International Trade In Endangered Species Of Wild Fauna And Flora) की स्थापना की। जिसका उद्देश्य पृथ्वी के वन्यजीवों का रक्षण कर उन्हें संरक्षित करना था।
‘विश्व वन्यजीव दिवस’ मनाये जाने की आवश्यकता क्या है?
वन्यजीव पृथ्वी पर जीवन तथा पारिस्थितिकी तंत्र के अस्तित्व में अहम भूमिका निभाते हैं। सदियों से मनुष्य वन्यजीवों के साथ सामंजस्य के साथ जीवन यापन करते आये हैं।
यह मानव का दुर्भाग्य है कि उसकी कुछ अनदेखियों तथा गलत कार्यों की वजह से हम वन्यजीवों को खो रहे हैं। मानव द्वारा नई बस्तियां बसाने, औद्योगीकरण, बढ़ती हुई आबादी, गैरकानूनी व्यापार तथा शिकार इत्यादि कार्यों का वन्यजीवों पर विपरीत असर पड़ रहा है। धरती जीव- जंतुओं तथा पौधों की विभिन्न प्रजातियों की संख्या इतनी अधिक तेज़ी से घट रही है, जितनी तेज़ गति से यह पूर्व में शायद ही कभी घटी हो।

हर 24 घंटे के अंदर जीव-जंतुओं तथा पेड़-पौधों की लगभग 200 प्रजातियां विलुप्त हो रही हैं। अतः यह स्पष्ट है कि प्रति वर्ष करीब 73,000 प्रजातियां पृथ्वी से विलुप्त हो रही हैं।

पृथ्वी पर वन्यजीव वर्षा को नियमित रखने, ऑक्सीजन की उपलब्धता बनाये रखने, औषधियां, जड़ी-बूटी, भोजन, मृदा की उर्वरकता बनाये रखने आदि में सहयोग प्रदान करते हैं।
वन्यजीवों को खोना हमारी सामर्थ्य से बाहर है, क्योंकि धरती पर मानव जीवन के अस्तित्व को बनाये रखने के लिए वन्यजीवों तथा पेड़-पौधों की उपस्थिति अनिवार्य है। वन्यजीवों के बिना धरती सिर्फ एक सूखे-उजाड़ ग्रह की भांति होगी, जिस पर जीवन मुमकिन नही होगा। अतः वन्यजीवों की रक्षा करके हम स्वयं की सुरक्षा तथा इस ग्रह के लंबे समय तक के अस्तित्व को सुनिश्चित कर सकते हैं।
‘विश्व वन्यजीव दिवस’ के रूप में हमारे समृद्ध वनों तथा जीवों का सम्मान करने तथा उनका आभार जताने के लिए एक अच्छी पहल है। ‘विश्व वन्यजीव दिवस’ के दिन वन्यजीवों पर संभावित खतरों का विश्लेषण किया जाता है, तथा उनको दूर करने की विधियों तथा प्रक्रियाओं पर विचार किया जाता है। वन्यजीवों के महत्त्व के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए, विश्व वन्यजीव दिवस मनाना एक सार्थक कदम है।