CEO Of यशराज ऑनलाइन एजुकेशन Mister ALOK VERMA ने किया आज वृक्षारोपण
आज कल आलोक वर्मा यानी कि यशराज ऑनलाइन एजुकेशन के ओनर ( मालिक ) और CEO Mr. ALOK VERMA ( कृषि एक्सपर्ट ) अपने ही गॉव में है और अपने खेतों में ही समय बिता रहे है बैसे तो यह पीएचडी की तैयारी में लगे है और अभी कोविद 19 कोरोना महामारी है इसी कारण आलोक वर्मा अपनी खेती करते नज़र आ रहे है यह खेती बाड़ी में बहुत ज्यादा इनयरेस्ट या पसंद करते है है क्योंकि आलोक वर्मा भी एक किसान के घर मे जन्मे है इनके घर मे भी बहुत खेती को जाती है इसीलिए आलोक वर्मा ने भी अपनी पूरी पढ़ाई कृषि से संवंधित ही कि है इनका मुख्य उद्देश्य है की खेती बाड़ी को बडाभा देना चाहते है, ताकि सभी किसान अपनी खेती मरण कब लागत से ज्यादा फसल उगाये और फसल को उगाने के नए नए तरीके अपनाए और वैज्ञानिक विधि अपनाने में सक्षम हो ।
दोस्तो किसान ही है जो हम सभी को अन्न और सब्जियां प्रदान कराता है, अगर किसान फसल करना छोड़ दे तो शायद हम सभी को भूखा रहना पड़े और अपनी जिन्दी को भी अच्छी तरह से नही जी पाएंगे ।
वृक्षारोपण हम करें, हो प्राणी कल्याण।
प्रकृति रूप में हम करें, ईश्वर का सम्मान।।
पर्यावरण खिला-खिला, खिले-खिले हैं लोग।
वृक्षों से औषध मिले, हमको करे निरोग।।
वृक्षारोपण यूं कहे, चिंतित हैं सब लोग।
इसीलिए तो कर रहे, भू पर तरु का योग।।
शुद्ध स्वच्छ वायु मिले, तरुवर सभी समर्थ।
हम भी कुछ ऐसा करें, जाने इनका अर्थ।।
प्राणी हित में हम करें, वृक्षारोपण आज।
संतति के हित में यही, प्यार भरा आगाज।।
हरियाली के खेल से, धरती खिले बसंत।
वृक्षारोपण कीजिए, खुशियां मिले अनंत।।
वृक्षारोपण हो गया, आवश्यक श्रीमान।
प्राण-पवन के अंत से, मिट जायेगी जान।।
वृक्षों के सिर काटकर, करते बड़ा अनर्थ।
डालें अपने प्राण ही, संकट में हम व्यर्थ।।
प्यार भरी जो छांव दे, औषध दे आशीष।
फिर भी हम ही काटते, उन वृक्षों के शीश।।
धन संचय की चाह में, काटे वृक्ष अनंत।
यही कुल्हाड़ी कर रही, अपना जीवन अंत।।

