दिल्ली मेट्रो में, दरवाजे दाई ओर खुलेंगे, किस शख्स की आवाज है

दिल्ली मेट्रो में, दरवाजे दाई ओर खुलेंगे, किस शख्स की आवाज है


मेट्रो लाखों लोगों की जिंदगी आसान बना रही है। दिल्ली के अलावा अब अलग-अलग शहरों में भी लोग एक जगह से दूसरे जगह जाने के लिए मेट्रो को सस्ता और टिकाऊ साधन मान रहे हैं। मेट्रो में सफर करने वाले लोगों के चेहरे बदल सकते हैं पर मेट्रो के अंदर सफर के दौरान एक आवाज पूरे समय हमारे साथ रहती है। एक लड़के और एक लड़की की वह आवाज अंतिम स्टेशन तक लगातार हमारे साथ चलती है। पर क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर यह आवाज किसकी है? यहां हम आपको उन दो शख्सों के बारे में बता रहे हैं जो मेट्रों में बोलते हैं कि 'दरवाजे दाईं तरफ खुलेंगे। इनके बारे में पढ़ते हैं आगे...

शम्मी नारंग ये हैं शम्मी नारंग । उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है कि वह दूरदर्शन में एक लाख उम्मीदवारों में से चुने गए थे और 1970-80 के दशक के दौरान वह दूरदर्शन का एक प्रसिद्ध चेहरा हुआ करते थे । आज भी वह एक लोकप्रिय और सफल वॉयस आर्टिस्ट हैं ।

आपको जानकर हैरानी होगी कि दिल्ली मेट्रो , रैपिड मेट्रो रेल गुड़गांव , मुंबई मेट्रो , बैंगलोर मेट्रो , हैदराबाद मेट्रो रेल और जयपुर मेट्रो में जिसकी आवाज सुनाई देती है , वह शम्मी नारंग ही हैं । कुछ लोगों का मानना है कि मेट्रो में गूजने वाली आवाज के पीछे कोई कोई इंसान नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी है । पर बता दें कि अनाउंसमेंट के पीछे कोई तकनीकी आवाज नहीं है ।

दिल्ली मेट्रो पहली बार :- 


दिल्ली मेट्रो की पहली ट्रेन 24 दिसंबर 2002 को 8.4 किलोमीटर लंबे शाहदरा – तीसहजारी कॉरीडोर पर दौड़ी थी। फेज वन के पहले कॉरीडोर में महज छह स्टेशन थे। 11 नवंबर 2006 में पहले फेज के अंतिम कॉरीडोर (बाराखंभा से इंद्रप्रस्थ) के बीच मेट्रो ट्रेन का परिचालन शुरू हुआ।