बाल केन्द्रित उपागम
( CHILD CENTRED APPROACH )
इस उपागम की शुरूआत करने वाले रूसो थे । पेस्टोलॉजी ने मान्यता दी । डी 0 वी 0 ने इस उपागम पर आधारित स्कूल शिकागो में खोला ।
बाल केन्द्रित उपागम क्या है ?
( WHAT IS CHILD CENTRED APPROACH )
इस उपागम में बालक केन्द्र विन्दु होता है । इसमें शिक्षक के स्थान पर छात्रों के अधिगम पर अधिक बल दिया जाता है । बालक की आवश्यकताओं अभिवृत्तियों , रूचियों , को केन्द्र मानकर पाठ्यवस्तु का विकास किया जाता है । यह पाठ्यक्रम बालक की परिस्थितियों एवं सामाजिक परिस्थितियों पर आधारित होता है । पाठ्यक्रम विकास में बालकों एवं अभिभावकों का सहयोग लिया जाता है और उनकी प्रतिभागिता सुनिश्चित की जाती है । पाठ्यक्रम अधिक लचीला होता है । पाठ्यक्रम में विषयवस्तु क्रियाओं , अनुभवों , सभी को स्थान दिया जाता है क्योंकि बालक खेल पसन्द करते हैं इसलिए खेल और क्रिया को स्थान दिया जाता है ।
महत्व ( IMPORTANCE )
बच्चों की आवश्यकताओं को पूरा करने वाला तथा उन्हें अभिप्रेरित करने वाला उपागम ही बच्चों को विद्यालय में आने एवं अध्ययन करने को प्रेरित कर सकता है । बाल केन्द्रित एवं क्रिया केन्द्रित शिक्षा को ही अपनाया जाना चाहिए ।