मध्य प्रदेश का
इतिहास
मुख्यमंत्री : शिवराज सिंह चौहान
क्षेत्रफल : 308245 km
जनसंख्या : 85002417
राजधानी : भोपाल
मुख्यभाषा : हिंदी
राज्य चिन्ह : click here
इतिहास
और भूगोल
मध्य प्रदेश 30, 8,000 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल के साथ दूसरा सबसे
बड़ा भारतीय राज्य है। भौगोलिक दृष्टि से यह देश में एक केन्द्रीय स्थान रखता
है।
सम्राट अशोक ने सबसे पहले उज्जैन पर शासन किया। मध्य भारत का काफी बड़ा
हिस्सा गुप्त साम्राज्य (300-500 ईसवी) का भाग था। ग्यारहवीं
शताब्दी के प्रारंम्भ में मध्य भारत में मुसलमानों का आगमन हुआ। सबसे पहले
महमूद गज़नवी यहां आया और फिर मुहम्मद गौरी आया, जिसने वहां
के कुछ भागों को अपनी दिल्ली सल्तनत में मिला लिया। मध्य भारत मुगल साम्राज्य
का भी हिस्सा रहा। मराठों का प्रभाव आरंभ होने से लेकर 1794
में माधवजी सिंधिया के देहांत तक मध्य भारत पर मराठों का बोलबाला रहा। परंतु उसके
बाद छोटे-छोटे स्वतंत्र राज्य बनने लगे। ये छोटे राज्य ही आगे चलकर ब्रिटिश सत्ता
के जमने का कारण बने।
इंदौर की रानी अहिल्याबाई होल्कर, गोंड की महारानी कमलापति
और रानी दुर्गावती आदि कुछ महान महिला शासकों ने अपने उत्कृष्ट शासन के लिए
भारतीय इतिहास में अपना नाम स्वर्णाक्षरों में लिखवा लिया। मध्य प्रदेश की स्थापना
1 नवंबर, 1956 का हुई। नया राज्य छत्तीसगढ़
बनाने के लिए हुए विभाजन के बाद यह अपने वर्तमान स्वरूप में 1 नवंबर, 2000 को अस्तित्व में आया। मध्य प्रदेश
उत्तर में उत्तर प्रदेश, पूर्व में छत्तीसगढ़ तथा पश्चिम
में राजस्थान और गुजरात, दक्षिण में महाराष्ट्र से घिरा
है।
कृषि
कृषि राज्य की अर्थव्यवस्था का आधार है, क्योंकि राज्य की 74.73 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है और खेती पर निर्भर है। राज्य
की करीब 49 प्रतिशत जमीन खेती योग्य है। 2010-11 में शुद्ध बुवाई क्षेत्र 2,08,36,000 हेक्टेयर
रहने का अनुमान था और अनाज का कुल उत्पादन 171.77 मिलियन
मीट्रिक टन रहा। गेहूं, चावल, दलहन
जैसी प्रमुख फसलों का उत्पादन भी अच्छा रहा।
उद्योग
और खनिज
मध्य प्रदेश ने इलेक्ट्रॉनिक्स, दूरसंचार, मोटरवाहनों, सूचना प्रौद्योगिकी आदि उच्च-तकनीकी
उद्योगों के क्षेत्र में प्रवेश कर लिया है। दूरसंचार प्रणालियों के लिए यह राज्य
ऑप्टिकल फाइबर का उत्पादन कर रहा है। इंदौर के पास पीथमपुर में बड़ी संख्या में
मोटर-वाहन उद्योग स्थापित हुए हैं। राज्य में सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख उद्योग
हैं—भोपाल में भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लि., होशंगाबाद में सिक्योरिटी पेपर मिल, देवास में नोट
छापने की प्रेस, नेपानगर में अखबारी कागज की मिल और नीमच की
अल्कालॉयड फैक्ट्री। गत वर्ष राज्य में सीमेंट का उत्पादन 12.49 लाख मीट्रिक टन हुआ। पीथमपुर में जल्दी ही एक मालवाहक विमान परिसर स्थापित
किया जा रहा है। भारत सरकार इंदौर में विशेष आर्थिक क्षेत्र स्थापित कर रही है।
समग्र आर्थिक विकास नीति लागू कर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को प्रोत्साहित किया जा
रहा है। राज्य में निवेश को आकर्षित करने के लिए आकर्षक छूट देने के लिए औद्योगिक
प्रोत्साहन नीति की घोषणा की है। भारत सरकार ने धार जिले के पीथमपुर में एक
राष्ट्रीय ऑटोमोटिव परीक्षण, अनुसंधान तथा विकास परियोजना को
मंजूरी दे दी है।
सिंचाई
और बिजली
2009-10 में कुल 65.43 लाख हेक्टेयर
इलाके में सिंचाई सुविधा उपलब्ध थी। मध्य प्रदेश में निम्न स्तर का कोयला प्रचुर
मात्रा में होता है, जो बिजली उत्पादन के अनुकूल है। पनबिजली
उत्पादन की भी यहां अपार क्षमता है। राज्य में विद्युत उत्पादन की कुल स्थापित
क्षमता 9658.45 मेगावाट थी। यहां 902.5 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता के आठ पनबिजली केंद्र हैं।
विकास
की पहल
मध्य प्रदेश ग्रामीण रोजगार योजना सभी 50 जिलों में लागू की गई
है। इस योजना को लागू करने में मध्य प्रदेश प्रथम स्थान पर है। राज्य में बागवानी
उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय बागवानी मिशन शुरू किया गया है।
परिवहन
सड़कें: मध्य
प्रदेश में सड़कों की कुल लंबाई 91,968 किलोमीटर है।
राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई 4,280 कि.मी. और प्रांतीय
राजमार्गों की लंबाई 8,729 कि.मी. है। राज्य में सड़कों के
निर्माण तथा सुधार का कार्य बड़े पैमाने पर किया जा रहा है तथा लगभग 70 हजार कि.मी. सड़कों का निर्माण तथा सुधार किया जाएगा।
रेलवे: उत्तर भारत को दक्षिण
भारत से जोड़ने वाला प्रमुख रेलमार्ग मध्य प्रदेश से होकर गुजरता है। राज्य में
भोपाल, बीना, ग्वालियर, इंदौर, इटारसी, जबलपुर,
कटनी, रतलाम और उज्जैन मुख्य जंक्शन हैं।
रेलवे के क्षेत्रीय मुख्यालय भोपाल, रतलाम और जबलपुर में
हैं।
त्योहार
मध्य प्रदेश में कई त्योहार और उत्सव मनाए जाते हैं। आदिवासियों का एक
महत्वपूर्ण त्योहार भगोरिया है, जो परंपरागत हर्षोल्लास से मनाया
जाता है। खजुराहो, भोजपुर, पचमढ़ी और
उज्जैन में शिवरात्रि के पर्व के दौरान स्थानीय परंपराओं का रंग दिखाई देता है।
चित्रकूट और ओरछा में रामनवमी पर्व के आयोजन की अनोखी परंपरा है। ओरछा, मालवा और पचमढ़ी के उत्सवों में कला और संस्कृति का बड़ा सुंदर मेल दिखाई
देता है। ग्वालियर के तानसेन संगीत समारोह, मैहर के उस्ताद
अलाउद्दीन खां संगीत समारोह, उज्जैन के कालिदास समारोह और
खजुराहो के नृत्य समारोह मध्य प्रदेश के कुछ प्रसिद्ध कला उत्सव हैं। जबलपुर में
संगमरमर की चट्टानों के लिए मशहूर भेड़ाघाट में वार्षिक नर्मदा उत्सव की शुरुआत की
गई है। शिवपुरी में भी शिवपुरी उत्सव शुरू किया गया है।