UP University Exam 2021: बिना परीक्षा प्रमोट होंगे कॉलेज के ये छात्र, पढ़ें

बिना परीक्षा प्रमोट होंगे कॉलेज के ये छात्र, पढ़ें

उत्‍तर प्रदेश में यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में भी परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं. छात्रों को बिना परीक्षा पास किया जाएगा. हालांकि फाइनल ईयर के छात्रों को एग्‍जाम देना होगा।


कोरोना संक्रमण को देखते हुए जहां एक तरफ सीबीएसई के साथ साथ राज्‍य बोर्ड भी कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर रहे हैं, वहीं यूपी बोर्ड ने कॉलेजों की परीक्षाएं भी रद्द कर दी हैं. मंगलवार 8 जून को यूपी सरकार ने विश्वविद्यालयों और कालेजों की परीक्षाएं रद्द कर दी. इससे 41 लाख छात्रों को बिना परीक्षा ही अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया जाएगा. यूपी सरकार की ओर से इसे लेकर दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं. इसकी घोषणा राज्‍य के उपमुख्‍यमंत्री दिनेश शर्मा ने की और कहा कि राज्‍य के ग्रेजुएशन और पोस्‍टग्रेजुएशन के फर्स्‍ट ईयर के छात्रों को बिना परीक्षा, सेकेंड ईयर में प्रोमोट कर दिया जाएगा. हालांकि जो छात्र फाइनल ईयर में हैं, उन्‍हें परीक्षा देनी होगी. उम्‍मीद की जा रही है कि अगस्‍त में फाइनल ईयर के छात्रों की परीक्षा आयोजित की जा सकती है.

राज्‍य सरकार ने जो गाइडलान्‍स जारी की हैं, उसमें यह कहा गया है कि फर्स्‍ट ईयर के अंकों को सेकेंड ईयर की परीक्षा के आधार पर तैयार किया जाएगा, जो अगले वर्ष (2022) में होने वाली है. बता दें कि राज्‍य सरकारें, कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए छात्रों की सेहत की सुरक्षा के लिये ये कदम उठा रही हैं.


ये व्यवस्थाएं की गई हैं-
सेमेस्टर पद्धति के तहत संचालित स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए-

1- जहां स्नातक प्रथम/तृतीय (विषम) व स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं हो चुकीं है वहां स्नातक द्वितीय/चतुर्थ (सम) सेमेस्टर और स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर के अंक प्रथम/तृतीय सेमेस्टर के अंकों और मिड-टर्म/अन्तरिम मूल्यांकन के आधार पर परिणाम निर्धारित होंगे
2- जहां विषम एवं सम सेमेस्टर की परीक्षाएं सम्पन्न नहीं हुई हैं वहां मिड टर्म/अन्तरिक मूल्यांकन के आधार पर परिणाम निर्धारित होंगे
3- यदि स्नातक पंचम सेमेस्टर व स्नातकोत्तर तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं नही हुई हों, तो अन्तिम सेमेस्टर में प्राप्त अंकों से पूर्व सेमेस्टर के अंक निर्धारित किए जा सकते हैं।

वार्षिक परीक्षा पद्धति के तहत संचालित पाठ्यक्रम
- ऐसे विश्वविद्यालय जहां स्नातक पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष की परीक्षाएं नहीं हुई हैं, उनके छात्रों को द्वितीय वर्ष में प्रोन्नत किया जाएगा और 2022 में होने वाली उनकी द्वितीय वर्ष की परीक्षा के अंकों के आधार पर उनके प्रथम वर्ष का परिणाम व अंक निर्धारित होंगे।

- स्नातक द्वितीय वर्ष के लिए दो व्यवस्थाएं तय की गई हैं। ऐसे विश्वविद्यालय जहां वर्ष 2020 में प्रथम वर्ष की परीक्षाएं हुई थीं, वहां प्रथम वर्ष के अंकों के आधार पर द्वितीय वर्ष के परिणाम व अंक निर्धारित होंगे। छात्रों को तृतीय वर्ष में प्रोन्नत किया जायेगा। ऐसे विश्वविद्यालय जहां वर्ष 2020 में प्रथम वर्ष की परीक्षाएं नहीं हुई थी, उनके द्वारा द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं करवाई जाएंगी।

- स्नातकोत्तर पूर्वार्द्ध के छात्रों को उत्तरार्द्ध में प्रोन्नत किया जाएगा। जब वर्ष 2022 में उत्तरार्द्ध की परीक्षाएं आधार पर उन्हें पूर्वार्द्ध वर्ष के अंक निर्धारित किए सकेंगे। 


स्रोत : news18 hindi