सतत विकास लक्ष्य और उद्देश्य
17 सतत विकास लक्ष्य और 169 उद्देश्य सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा के अंग हैं. इसे संयुक्त राष्ट्र महासभा के शिखर सम्मेलन में 193 सदस्य देशों ने अपनाया था. यह एजेंडा 1 जनवरी, 2016 से प्रभावी हुआ है. इसे अगले 15 सालों में साल 2030 तक हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है ।
सतत विकास लक्ष्य (SDG) या ‘2030 एजेंडा’ बेहतर स्वास्थ्य, गरीबी उन्मूलन और सबके लिए शांति और समृद्ध जीवन सुनिश्चित करने के लिए सभी से कार्रवाई का आह्वान करता है. SDG को वैश्विक लक्ष्यों के रूप में भी जाना जाता है. वर्ष 2015 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा इसे एक सार्वभौमिक आह्वान के रूप में अपनाया गया था।
17 सतत विकास लक्ष्य और 169 उद्देश्य सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा के अंग हैं. इसे संयुक्त राष्ट्र महासभा के शिखर सम्मेलन में 193 सदस्य देशों ने अपनाया था. यह एजेंडा 1 जनवरी, 2016 से प्रभावी हुआ है. इसे अगले 15 सालों में साल 2030 तक हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है. सबसे पहले, जून 1992 में ब्राजील के रियो डी जनेरियो में पृथ्वी शिखर सम्मेलन में, 178 से अधिक देशों ने एजेंडा 21 को अपनाया था. इसके तहत मानव जीवन में सुधार और पर्यावरण की रक्षा के लिए सतत विकास के लिए वैश्विक साझेदारी बनाने के लिए एक व्यापक कार्य योजना अपनाने पर सहमति बनी थी.
SDG के 17 लक्ष्य :
कई लक्ष्य मौजूदा समझौतों पर निर्मित होते हैं और अन्य राजनीतिक प्रक्रियाओं के अभिन्न अंग होते हैं, जैसे कि जैव विविधता, जलवायु, महासागरों या मानकों पर अंतर्राष्ट्रीय समझौते और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन, विश्व स्वास्थ्य संगठन आदि द्वारा निर्धारित कार्यक्रम. हर साल, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एक वार्षिक SDG प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हैं, जो संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के सहयोग से विकसित की जाती है, और ग्लोबल इंडिकेटर फ्रेमवर्क और राष्ट्रीय सांख्यिकीय प्रणालियों द्वारा उत्पादित डेटा और क्षेत्रीय स्तर पर एकत्रित जानकारी पर आधारित होती है।
इसके अतिरिक्त, वैश्विक सतत विकास रिपोर्ट हर चार साल में एक बार महासभा में एसडीजी समीक्षा विचार-विमर्श की सूचना देने के लिए तैयार की जाती है. यह महासचिव द्वारा नियुक्त वैज्ञानिकों के एक स्वतंत्र समूह द्वारा लिखा जाता है।

