मूल कर्तव्य (पर्यावरण) by आलोक वर्मा uptet

मूल कर्त्तव्य भारतीय संविधान के भाग 4 क / अनुच्छेद 51क मूल कर्त्तव्य ( क से ट तक ) उपबंधित हैं । " 

"संविधान के 42वें संशोधन अधिनियम 1976 द्वारा संविधान के भाग 4 के पश्चात् एक नया भाग 4क जोड़ा गया है । जिसके द्वारा पहली बार संविधान में नागरिकों के मूल कर्त्तव्यों को समाविष्ट किया गया है तथा नया अनुच्छेद 51क जोड़ा गया है । मूल कर्त्तव्य निम्नवत् है । 
( क ) " संविधान का पालन करे और उसके आदर्शो , संस्थाओं राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान का आदर करे । " 
( ख ) स्वतन्त्रता के लिए - हमारे राष्टीय आन्दोलनों प्रेरित करने वाले उच्च आदर्शो को हृदय में संजोये रखे ।
 ( ग ) भारत की प्रभुता एकता और अखण्डता की रक्षा करे और अक्षुण्ण बनाये रखे । 
( घ ) देश की रक्षा करे और आवाहन किये जाने पर राष्ट्र की सेवा करे । 
( ङ ) भारत के सभी लोगों में समरसता और समान भ्रातृत्व की भावना का निर्माण करे जो धर्म भाषा , और प्रदेश या वर्ग पर , आधारित सभी भेदभाव से परे हो , और ऐसी प्रथाओं का त्याग करे जो स्त्रियों के सम्मान के विरुद्ध है । 
( च ) “ हमारी सामाजिक संस्कृति की गौरवशाली परम्परा का महत्व समझे और उसका परिरक्षण करे । 
( छ ) “ प्राकृतिक पर्यावरण की जिसके अन्तर्गत वन , झील व अन्य जीव की रक्षा करे तथा प्राणिमात्र के प्रति दयाभाव रखे । " 
( ज ) " वैज्ञानिक दृष्टिकोण मानवतावाद ' और ज्ञानार्जन तथा सुधार की भावना का विकास करे । । 
( झ ) “ सार्वजनिक सम्पत्ति को सुरक्षित रखे और हिंसा से दूर रहे । 
( ब ) " व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उत्कर्ष की ओर बढ़ने का सतत प्रयास करे । राष्ट्र निरन्तर बढ़ते हुए प्रयत्न और उपलब्धि की नई ऊँचाई को छू ले । " 
( ट ) 86वाँ संविधान संशोधन अधिनियम 2002 के तहत 11वाँ मौलिक कर्त्तव्य जोड़ा गया जो 6 की आयु से चौदह वर्ष के आयु के बच्चों के माता - पिता और प्रतिपाल्य के संरक्षक , जैसा मामला हो , उन्हें शिक्षा का अवसर प्रदान करे । "

 एम०पी० मेहता ( 2 ) बनाम भारत संघ ( 1988 ) के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने यह निर्णय लिया कि अनु० 51 - क ( छ ) के अधीन केन्द्रीय सरकार का यह कर्त्तव्य है कि वह देश की शिक्षण संस्थाओं में सप्ताह में एक घंटे पर्यावरण - संरक्षण की शिक्षा देने का निदेश दे । 
राज्य के नीति निदेशक तत्व भाग 4 अनु० ( 36 - 51 ) के 48क में भी पर्यावरण का संरक्षण तथा संवर्धन और वन तथा वन्य जीवों की रक्षा करने का भी उपबंध है । जबकि मूल कर्त्तः51 क ( छ ) में भी पर्यावरण का उल्लेख है । 
मूल कर्त्तव्य के उल्लंघन की स्थिति में किसी कानूनी दण्ड की स्पष्ट व्यवस्था नहीं है ।