भारत में शैक्षिक तकनीकी by आलोक वर्मा

भारत में शैक्षिक तकनीकी


( EDUCATIONAL TECHNOLOGY IN INDIA )

भारत में शिक्षा के विभिन्न अंगों को सबल और सक्षम बनाने का कार्य राष्ट्रीय शैक्षिक अनसंधान शिक्षण परिषद , नई दिल्ली का है । इस परिषद के अन्तर्गत एक विभाग ' शैक्षिक तकनीकी केन्द्र के नाम से कार्यरत है । यह विभाग शोध एवं प्रशिक्षण के साथ - साथ शैक्षिक तकनीकी पर विशिष्ट सामग्री भी विकसित करने में संलग्न है । इस केन्द्र की परामर्शदाता प्रो० स्नेह शुक्ला तथा प्राचार्य श्रीमती विजय मुले आदि रहे हैं । इन लोगों के प्रयासों के फलस्वरूप यह विभाग शैक्षिक तकनीकी चेतना का विकास पूर्ण जोर - शोर के साथ कर रहा है ।

सन् 1960 - 70 के दशकों में अनेक शोध - अध्ययन , सेमीनार सिम्पोजियम आदि ‘ अभिक्रमित अध्ययन के क्षेत्र में किये गये । अनेक विषयों में अभिक्रमित सामग्री विकसित की गयी । इस क्षेत्र में शाह , कलकर्णी . के० पी० पाण्डे , प्रेम प्रकाश , कपाडिया तथा कुलश्रेष्ठ ने काफी कार्य किया । शीक्षक लक्ष्या के क्षेत्र में डॉ० दवे तथा उनका RCEM System उल्लेखनीय है । शैक्षिक नियन्त्रण के क्षेत्र में CASE Baroda , II . T . खड़गपुर , ईविंग क्रिश्चियन कॉलेज , इलाहाबाद तथा NCERT , नई दिल्ली ने काफी कार्य किया ।

क्रियानसंधान के क्षेत्र में डॉ० शेरी , वर्मा , अहलूवालिया , कुलश्रेष्ठ तथा भार्गव आदि के नाम उल्लेखनीय हैं । Micro - Teaching के क्षेत्र में डॉ० एल० सी० सिंह , डॉ० दास , डॉ० पासी , डॉ० जंगीरा तथा डॉ० अजीत सिंह आदि ने काफी कार्य किया है । NCERT ने इस क्षेत्र में इन्दौर यूनीवर्सिटी के साथ कई National Research Projects पूर्ण किये हैं । मिनी टीचिंग तथा इण्टीग्रेशन ऑफ टीचिंग स्किल्स के क्षेत्र में डॉ० एस० पी० कुलश्रेष्ठ तथा डॉ० एन० के० जंगीरा का काफी कार्य है ।

आज शैक्षिक तकनीकी विज्ञान भारत में अनेक विश्वविद्यालयों तथा संस्थानों के शिक्षक - प्रशिक्षण के पाठ्यक्रमों में समावेशित किया जा रहा है । हिमाचल , मेरठ , पंजाब , गढ़वाल , इन्दौर के विश्वविद्यालयों तथा रीजनल कॉलेज ऑफ एजूकेशन ने इस विषय को अपने पाठयक्रमों मे समावेशित करने में पहल की है ।

इस विषय की पुस्तकों के प्रणयन के सम्बन्ध में डॉ० रूहेला , डॉ० ए० आर० शर्मा , डॉ० ए० पी० शर्मा , डॉ० आर० ए० शर्मा , डॉ० एस० पी० कुलश्रेष्ठ , श्री सुरेश भटनागर , श्री गुलाटी तथा श्री एन० आर० स्वरूप सक्सेना का नाम स्वयं ही आ जाता है । इन लोगों ने ' शिक्षण तकनीकी ' पर लिखकर अध्यापकों तथा छात्राध्यापकों की जो सेवा की है , वह अविस्मरणीय है । बड़ौदा के डॉ० एम० एस० यादव तथा डॉ० गोविन्दा ने भी इस विषय पर पिटमैन की ' Aspects of Educational Technology ' के विभिन्न वॉल्यूम्स में आधिकारिक शोध - प्रपत्र प्रकाशित कराये हैं ।

                               By आलोक वर्मा