इकाईः1 गणित शिक्षण के आधार
1. गणित का अर्थ
- गणित का अर्थ एवं परिभाषा
- गणित की प्रकृति
- गणित की संरचना
- गणित शिक्षण के मूल्य
2. गणित का इतिहास एवं गणितज्ञ
- प्रस्तावना, गणित का इतिहास
- आदिकाल(500ई. पूर्व तक)
- पूर्व मध्यकाल(500ई. से 400ई. पूर्व तक)
- मध्यकाल या स्वर्णयुग(400ई. से 1200ई तक)
- उत्तर मध्यकाल(1200ई. से 1800ई. तक)
- वर्तमान आधुनिक काल(1800ई. के पश्चात)
- प्रमुख गणितज्ञों का परिचय एवं उनका गणित में योगदान
- आर्यभट्ट प्रथम
- श्रीनिवास रामानुजम
- भास्कराचार्य द्वितीय
- ब्रह्मगुप्त
- यूक्लिड
- पाइथागोरस
इकाईः2
3. गणित शिक्षण के उद्देश्य एवं प्राप्य उद्देश्य
- प्रस्तावना
- शैक्षिक उद्देश्यों का अर्थ एवं परिभाषाएँ
- उद्देश्यों की आवश्यकता
- उद्देश्यों के निर्धारण के लाभ
- उद्देश्यों के चुनाव के नियम
- गणित शिक्षण के उद्देश्य
- उद्देश्यों की प्राप्ति में गणित अध्यापक की भूमिका
- गणित शिक्षण के सामान्य उद्देश्य
- प्राप्य उद्देश्य का अर्थ
- उद्देश्यों के प्रकार
- शैक्षिक एवं शिक्षण उद्देश्यों में अन्तर
- उद्देश्य एवं प्राप्य उद्देश्य में अन्तर
- लक्ष्य, ध्येय, उद्दश्यों तथा विशिष्ट उद्देश्यों में सम्बन्ध
- शिक्षण उद्देश्यों का वर्गीकरण
- उद्देश्यों की व्यावहारिक रूप में लिखने की आवश्यकता एवं महत्व
- शिक्षण के ज्ञानात्मक, भावात्मक एवं क्रियात्मक पक्ष
- शिक्षण के व्यावहारिक उद्देश्य लिखने की विधियाँ
- रोबर्ट मेगर विधि
- रोबर्ट मेगर विधि की सीमाएँ
- क्षेत्रीय महाविद्यालय के अनुसार उद्देश्यों का वर्गीकरण
- आर.सी.ई.एम. विधि की विशेषताएं एवं सीमाएँ
- मिलर विधि
- ब्लूम के वर्गीकरण की आलोचना
4. गणित में सहसम्बन्ध
- सह-सम्बन्ध का अर्थ
- परिभाषाएं
- सह-सम्बन्ध के प्रकार
- गणित की विभिन्न शाखाओं में सह-सम्बन्ध
- गणित का अन्य विषयों से सह-सम्बन्ध
- गणित शिक्षण में सह-सम्बन्ध की आवश्यकता
5. गणित का पाठ्यक्रम
- प्रस्तावना
- पाठ्यक्रम का अर्थ
- परिभाषाएं
- पाठ्यक्रम की विशेषताएं
- पाठ्यक्रम के दोष
- पाठ्यक्रम में दोषों को दूर करने के लिए सुझाव
- पाठ्यक्रम की प्रक्रिया
- पाठ्यक्रम के उद्देश्य
- पाठ्यक्रम निर्माण के सिद्धान्त
- पाठ्यक्रम संगठन को प्रभावित करने वाले कारक
- पाठ्यक्रम के विकास की अवस्थाएं
इकाईः3
6. गणित शिक्षण की विधियाँ
- प्रस्तावना
- शिक्षण विधि का अर्थ एवं परिभाषाएँ
- प्रविधियाँ
- शिक्षण विधि व प्रविधि में अन्तर
- शिक्षण विधियों का महत्व
- गणित शिक्षण विधि की आवश्यकता
- शिक्षण विधियों को प्रभावित करने वाले कारक
- गणित शिक्षण की विधियाँ(शिक्षक व बाल केन्द्रित विधियाँ)
- व्याख्यान-प्रदर्शन विधि
- परियोजना विधि
- आगमन विधि
- निगमन विधि
- आगमन एवं निगमन विधि में सम्बन्ध
- आगमन व निगमन विधि में अन्तर
7. गणित का अध्यापक एवं व्यावसायिक विकास
- प्रस्तावना
- परिभाषाएँ
- गणित अध्यापकों के गुण एवं विशेषताएँ
- गणित अध्यापकों के गुणों का वर्गीकरण(व्यक्तिगत गुण, व्यावसायिक गुण, सामाजिक गुण)
- गणित अध्यापक के कर्तव्य
- विद्यालय की प्रतिष्ठा सुधारने में गणित में गणित अध्यापक की भूमिका
- कक्षा में जाने से पूर्व गणित अध्यापक की तैयारी
इकाईः4
8. गणित की पाठ्य-पुस्तक
- प्रस्तावना
- पाठ्य-पुस्तक का अर्थ
- परिभाषाएँ
- गणित पाठ्य-पुस्तक की आवश्यकता
- गणित पाठ्य-पुस्तक की उपयोगिता
- गणित पाठ्य-पुस्तक की विशेषताएँ
- पाठ्य-पुस्तक के दोष
- गणित पाठ्य-पुस्तक की सीमाएँ
- पाठ्य-पुस्तक का मूल्यांकन
9. गणित में पाठ्य-सहगामी क्रियाएँ
- प्रस्तावना
- पाठ्य सहगामी क्रियाओं का अर्थ
- पाठ्य सहगामी क्रियाओं का महत्व
- पाठ्य सहगामी क्रियाओं के उद्देश्य
- पाठ्य सहगामी क्रियाओं के गुण
- पाठ्य सहगामह क्रियाओं का गठन
- कुछ पाठ्य सहगामी क्रियाएँ-गणितीय शैक्षिक भ्रमण
- गणितीय प्रयोगशाला
- गणितीय पुस्तकालय
- गणितीय परिषद्
- गणितीय संग्रहालय
- गणितीय मेले व प्रदर्शनियाँ
10. गणित में श्रव्य-दृश्य सामग्री
- प्रस्तावना
- श्रव्य-दृश्य सामग्री का अर्थ
- परिभाषाएँ
- श्रव्य-दृश्य सामग्री के मुख्य कार्य एवं महत्व
- श्रव्य-दृश्य सामग्री का चयन
- श्रव्य-दृश्य सामग्री के प्रयोग में सावधानियाँ
- श्रव्य-दृश्य सामग्री का वर्गीकरण
- शिक्षण सहायक सामग्री की सापेक्षिक प्रभावशीलता
- श्रव्य सामग्री
- दृश्य सामग्री
- श्रव्य-दृश्य सामग्री
इकाईः5
11. गणित में मूल्यांकन एवं मापन
- प्रस्तावना
- मूल्यांकन का अर्थ एवं परिभाषाएँ
- मूल्यांकन के उद्देश्य
- मूल्यांकन आवश्यकता
- मूल्यांकन का महत्व
- मूल्यांकन की प्रक्रिया
- मूल्यांकन का क्षेत्र
- मापन, मापन की परिभाषाएँ, मापन की विशेषताएँ, मापन की सीमाएं, माप के तत्व
- मापन और मूल्यांकन में अन्तर
- परीक्षा एवं मूल्यांकन में अन्तर
12. सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन
- प्रस्तावना
- मूल्यांकन के अंग
- सतत् मूल्यांकन का महत्व
- मूल्यांकन के क्षेत्र
- सतत् मूल्यांकन का आयोजन
- सतत् मूल्यांकन की कार्यप्रणाली तथा सोपान
- व्यापक मूल्यांकन
- दैनिक मूल्यांकन
- साप्ताहिक मूल्यांकन
- षट्मासिक मूल्यांकन
- वार्षिक मूल्यांकन
- मूल्यांकन के प्रकार
- योगात्मक मूल्यांकन
- संरचनात्मक मूल्यांकन
- संरचनात्मक मूल्यांकन एवं योगात्मक मूल्यांकन में अन्तर
13. परीक्षण पत्र
- प्रस्तवना
- परिभाषाएँ
- अच्छे परीक्षण की विशेषताएँ
- परीक्षणों के प्रकार
- वस्तुनिष्ठ परीक्षा की निर्माण विधि
- वस्तुनिष्ठ परीक्षणों के दोष
- सावधानियाँ
- लघु उत्तरात्मक प्रश्न निबन्धात्मक परीक्षाओं के प्रकार
- निबन्धात्मक परीक्षाओं के गुण
- निबन्धात्मक परीक्षाओं के दोष/सीमाएँ
- निबन्धात्मक परीक्षाओं में सुधार हेतु सुझाव
- निबन्धात्मक तथा वस्तुनिष्ठ परीक्षाओं में अन्तर
14. निदानात्मक परीक्षण एवं उपचारात्मक शिक्षण
- प्रस्तावना
- निदानात्मक परीक्षण
- परिभाषाएँ
- नैदानिक परीक्षणों के उद्देश्य
- निदानात्मक परीक्षणों की विशेषताएँ
- निदानात्मक परीक्षणों की आवश्यकता एवं महत्व
- निदानात्मक परीक्षणों का निर्माण
- शैक्षिक निदान के स्तर
- निदानात्मक परीक्षणों के निर्माण मे सावधानियाँ
- विद्यार्थीयों के समस्याओं के सम्भावित प्रश्न
- उपचारात्मक शिक्षण
- मन्द बुद्धि विद्यार्थीयों के लिए उपचारात्मक शिक्षण
- प्रखर बुद्धि विद्यार्थीयों के लिए उपचारात्मक शिक्षण
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