वन्य जीवों का वर्गीकरण, अन्य जानकारी !
विश्व में अनगिनत प्रजातियाँ जीव - जन्तुओं की रही हैं जिनकी संख्या कभी करोड़ों और अरबों में आँकी जाती रही है ( सम्भवतः यह अतिश्योक्ति हो ) लेकिन अब शनैः शनैः इनमें कमी हुई है । भारत इस क्षेत्र में अति समृद्ध रहा है । 350 प्रकार के स्तनपायी ( Mammals ) , 1200 प्रकार के पक्षी ( Birds ) तथा 20 , 000 से भी अधिक प्रकार के कीड़े - मकोड़े ( Insects ) और 750 प्रकार के सरीसृप ( Reptiless आज भी यहाँ हैं ( अनुमान है कि भारत में , दक्षिणी अमेरिका को छोड़कर विश्व की सबसे अधिक पक्षियों की प्रजातियाँ हैं ) ।
- इनमें से लगभग 66 प्रकार के स्तनपायी , 38 पक्षियों की प्रजातियाँ और 18 प्रकार की सरीसृप प्रजातियाँ लुप्तप्राय श्रेणी में आ गई हैं ; एक स्तनपायी तथा 3 पक्षी प्रजाति समाप्त हो चुकी हैं । फिर भी हमारा देश इस क्षेत्र की विविधता के लिए सौभाग्यशाली है । शेर और चीते जैसे महाशक्तिशाली , हाथी जैसा विशालकाय , गेंडा जैसा मजबूत , रीछ जैसा भयानक , खूबसूरत हिरन और बारहसिंघा , खरगोश - तीतर - तिलोर - गोडावन जैसे सुहावने तथा साही ( Porcupine ) जैसी तीखी जाति के अनेक वन्य पशु हैं जिनको भारतीय वन्य पशु विविधता में जोड़ा जा सकता है ।
• वन्य जीवों का वर्गीकरण ( Classification of Wild Life )
मोटेतौर पर वन्य जीवों का वर्गीकरण निम्नलिखित तीन मख्य श्रेणियों में किया गया है । इन्ही में सभी प्रकार के पशु - पक्षी , कीट - पतंग आदि को सम्मिलित किया गया है । वह हैं
1 . स्तनपायी ( Mammals ) : यह वह पशु होते हैं जिनकी मादाएँ बच्चों को जन्म देता हैै ( अण्डे नही )
तथा अपने शरीर से ही उन्हें दूध पिलाती हैं । निश्चय ही रीछ , सांभर , लंगूर , व्हेल ( मछा आदि सभी स्तनपायी श्रेणी में आते हैं ।
इस श्रेणी में अन्य - - 1 . शेर , 2 . बघेरा , 3 . चीता , 4 . भेड़िया , 5 . भालू , 6 . बिज्जू , 7 . लोमड़ी , हिरन , 9 . चिकारा , 10 . चौसिंगा , 11 . नील गाय , 12 . जंगली चूहा , 13 . गीदड़ , 14 . जरख , 15 . हाथी , 16 . सूअर आदि आते हैं ।
2. पक्षी ( Birds ) : ऐसे जानवर जिनके पंख होते हैं ( दो पैर होते हैं तथा दो पंख ) और जो अंडों से पैदा होते हैं , पक्षी कहलाते हैं । कबूतर , मोर , चिड़िया , तोता आदि इसी श्रेणी में गिने जाते हैं । _
इस श्रेणी में अनेक अन्य - 1 . मुर्गा , 2 . तिलोर , 3 . गोडावन , 4 . सारस , 5 . बाज , 6 . उल्लू , कठफोड़वा , 8 . गौरैया , 9 . चमगादड़ , 10 . बटेर , 11 . हंस , 12 . बुलबुल , 13 . गिद्ध , 14 . कौवा , 15 . कोयल , 16 . मुर्गाबी आदि हैं ।
3 . सरीसप ( Reptiles ) : इस प्रकार के जानवरों में पर्तदार त्वचा ( scaly skin ) होती है तथा इनकी मादाएँ अंडे देती हैं । इनमें कछुआ , साँप , छिपकली तथा मगर आते हैं ।
अन्य उदाहरणों में - 1 . अजगर , 2 . केंचुआ , 3 . गिरगिट , 4 . घड़ियाल , 5 . टिड्डी , 6 . दरियाई घोड़ा , 7 . मछली , 8 . बिच्छू , 9 . मेढक , 10 . गोह , 11 . केकड़ा , 12 . मकड़ी आदि सम्मिलित किये जा सकते हैं ।
कीड़े - मकोड़े ( Insects ) : ऐसे छोटे जानवर जिनके 6 पैर होते हैं तथा अधिकतम जो उड़ सकते हैं वे इस श्रेणी में आते हैं और इन्हें पक्षियों ( Birds ) में गिनते हैं ।
Author
आलोक वर्मा ( कृषि परास्नातक )
शस्य विज्ञान, बीएड
