वृक्षारोपण
वृक्षारोपण के अन्तर्गत विभिन्न प्रकार के वृक्ष लगाये जाते हैं । फलों के अतिरिक्त हम कुछ विशेष स्थानों पर कुछ विशेष प्रकार के वृक्ष लगाते हैं जो हमारे लिए अनेक प्रकार से उपयोगी सिद्ध होते हैं । हमें वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने हेतु वनमहोत्सव जैसे कार्यक्रम में विशेष रुचि लेनी चाहिए । इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित कर वृक्षारोपण को प्रोत्साहित किया जाना अत्यन्त आवश्यक है क्योंकि वृक्ष हमारे जीवन निर्वाह के लिए आवश्यक बहुत सी वस्तुएँ प्रदान करते हैं जो निम्नवत् हैं
1 . वृक्ष हमें फल देते हैं ।
2. इमारती लकड़ी , फर्नीचर की लकड़ी तथा ईंधन के लिए लकड़ी देते हैं ।
3. वातावरण को हरा - भरा तथा पर्यावरण को शुद्ध बनाये रखते हैं ।
4. वृक्ष छाया देते हैं ।
5. वृक्षों तथा पौधों पर खिले सुन्दर फूल आस - पास के 6. वातावरण को मनोरम बनाते हैं ।
7. वृक्ष , वर्षा में सहायक होते हैं ।
8. बाढ़ की रोक - थाम करते हैं तथा भूमि कटाव भी रोकते हैं ।
9. वृक्ष , प्राण वायु ( ऑक्सीजन ) उपलब्ध कराते हैं ।
आवासीय भवनों के पास
नीम , अमलतास , गुलमोहर , अशोक , कदम्ब , कचनार , सीता अशोक , मौलश्री आदि लगाये जाते हैं ।
सार्वजनिक स्थानों जैसे विद्यालय , अस्पताल , पंचायत घर के आस पास
नीम , अमलतास , गुलमोहर , युकेलिप्टस , अशोक , कटहल , आम , कचनार , सहजन , शहतूत आदि लगाये जाते हैं ।
मन्दिरों तथा अन्य पूजा स्थलों के पास
केला , नीम , पीपल , बरगद , पाकड़ , कदम्ब , अमलतास , अशोक , सीता अशोक , कनेर , आदि लगाये जाते हैं ।
इस प्रकार विभिन्न पेड़ों को लगाना वृक्षारोपण कहलाता है ।
इसके अतिरिक्त ऊसर एवं बंजर भूमि में जंगली बबूल , देशी बबूल , बेर , झरबेरी एवं कुछ आँवले की प्रजातियों का वृक्षारोपण किया जाता है । जिससे इसकी पत्तियों के गिरने एवं सड़ने से भूमि में सुधार होता है तथा मृदा कटाव भी रुकता है ।