कक्ष के प्रमख घटक या चर कौन
- से हैं
कक्षाकक्ष की
क्रियाओं का प्रबन्धन करने में कक्षाकक्ष के चरों की बहुत महत्वपूर्ण भूमि हाता है । ये
कक्षाकक्ष बसनत्यावश्यक पक्ष होते हैं । कक्षा - कक्ष के जाने - माने घटक ( र
निम्नलिखित हैं
1.
अध्यापक - प्रबन्धक के रूप में
अध्यापक कक्षाकक्ष प्रबन्धन का मुख्य स्वतन्त्र चर होता है । वह कक्षाकक्ष की अधिकांश
क्रियाओं का प्रबन्धन और नियन्त्रण करता है । वह कक्षाकक्ष में अधिगम संरचनाएँ
उत्पन्न करके छात्र अधिगम को सुविधापूर्ण बनाने के लिए अपनी शिक्षण
क्रियाएँ व्यवस्थित करता है । वह अपने कक्षाकक्ष प्रबन्धन में छात्रों को
अभिप्रेरित करता है । इसके अतिरिक्त वह अपने कक्षाकक्ष की
अनुदेशनात्मक प्रक्रिया की प्रभावपूर्णता का मूल्यांकन करता है ।
2.
छात्र - छात्र कक्षाकक्ष में आश्रित चर होता है । शिक्षण का प्रयोजन
होती है - अधिगम को सुविधापूर्ण बनाना । अधिगम शिक्षण पर निर्भर करता है ।
·
यदि
शिक्षण को स्मृति स्तर पर व्यवस्थित किया जाता है तो रटन अधिगम होता है ।
·
बोध
स्तर के शिक्षण से परिपाक और स्वामित्व प्रत्यय सुविधापूर्ण बन जाता
है लेकिन शिक्षण के इस स्तर पर लात्र अधिक सक्रिय होते हैं ।
3
मध्यस्थ चर - मध्यस्थ चरों से अध्यापक और छात्रों के मध्य
की अन्तःक्रिया प्रभावित होती है । कक्षाकक्ष के महत्त्वपूर्ण मध्यस्थ चर निम्नलिखित हैं
-
·
( i ) विषयवस्तु
जिसमें शब्द , प्रत्यय
, तथ्य , सिद्धान्त , नियम , शाब्दिक भाषा , सृजनात्मक इत्यादि शामिल हैं ।
·
शिक्षण
उद्देश्य - ज्ञानात्मक
, भावात्मक और
मनोक्रियात्मक उद्देश्य । (
·
शिक्षण विधियाँ - अध्यापक केन्द्रित शिक्षण , छात्र - केन्द्रित शिक्षण ।
·
शिक्षण की सूक्तियाँ ।
·
शिक्षण की प्रविधियाँ ।
·
श्रव्य
- दृश्य सहायक सामग्री ( शिक्षण सहायक सामग्री ) या अभिप्रेरणात्मक
प्रविधियाँ । ।
·
शिक्षण
कौशल और सामाजिक कौशल ।
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सम्प्रेषण
योग्यता और कौशल ।
·
शिक्षक
की सहायक युक्तियाँ ।