इन दो महिला ऑफिसर्स का नाम इतिहास में होगा दर्ज! नौसेना की वॉर शिप पर तैनात होकर संभालेंगी मोर्चा
सब लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्यागी और सब लेफ्टिनेंट रिति सिंह को चीफ स्टाफ ऑफिसर ने विंग्स प्रदान किया और भारतीय नौसेना के लिए इस पल को ऐतिहासिक करार दिया। जानकारी के मुताबिक, सब लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्यागी गाजियाबाद की रहने वाली है वहीं सब लेफ्टिनेंट रिति सिंह हैदराबाद की।
भारतीय नौसेना के इतिहास में पहली बार महिला पायलट राफेल को उड़ाएंगी। इसे उड़ाने के लिए दो महिला अफसरों के नाम की नियुक्ति की गई है। यह दो महिला अफसर हैं सब लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्यागी और सब लेफ्टिनेंट रिति सिंह है। इन दोनों अफसरों को वॉरशिप में ऑब्जर्वर के रूप में हेलिकॉप्टर उड़ाने के आदेश दिए गए है। बता दें कि इन दोनों महिला अफसरों समेत 17 और लोगों की सोमवार को कोच्चि INS गरुड़ से ऑब्जर्वर का कोर्स पूरा हो गया था। यह कोर्स किसी भी जंग मिशन में नौसेना के लिए नेविगेशन समेत अन्य तकनीकी जरूरतों को पूरा करता हैं। अब इन्हें हेलिकॉप्टर ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
सब लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्यागी और सब लेफ्टिनेंट रिति सिंह को चीफ स्टाफ ऑफिसर ने विंग्स प्रदान किया और भारतीय नौसेना के लिए इस पल को ऐतिहासिक करार दिया। जानकारी के मुताबिक, सब लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्यागी गाजियाबाद की रहने वाली है वहीं सब लेफ्टिनेंट रिति सिंह हैदराबाद की। इन दोनों ने ही कंप्यूटर साइंस में इंजिनियरिंग की और फिर साल 2018 में नेवी में भर्ती हो गई है। बता दें कि भारतीय नौसेना में यह पहली बार हुआ है कि राफेल को कोई महिला पायलट उड़ाएंगी क्योंकि इससे पहले केवल नौसेना मेडॉर्नियर और पी-8I विमानों में ही महिला ऑफिसर ऑब्जर्वर रही है।
दो महिला अफसर की राफेल उड़ान
जानाकरी के मुताबिक, भारतीय वायुसेना की महिला फाइटर पायलट अंबाला में एयरफोर्स की गोल्डन ऐरोज के नाम से मशहूर 17वीं स्कवॉड्रन का हिस्सा बनेगी। यह केवल राफेल को उड़ाते है। इससे पहले स्कवॉड्रन को केवल पुरूष पायलट ही उड़ाते थे। बता दें कि इस राफेल को उड़ाने वाली महिला पायलट इससे पहले मिग-21बाइसन को उड़ाती थी। अब राफेल को उड़ाने के लिए महिला पायलट की जमकर ट्रेनिंग चल रही है।
कौन है सब लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्यागी?
गाजियाबाद की रहने वाली सब लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्यागी हैलिकॉप्टर स्ट्रीम में ऑब्जर्वर के पद में शामिल होने वाली पहली महिला पायलट है। कुमुदिनी के परिवार इस खबर से काफी खुश है और सुरक्षा कारणों के कारण उन्होंने कुमुदनी के बारे में ज्यादा जानाकरी नहीं दी। पिता प्रवेश कुमार त्यागी ने बताया कि बीटेक करने से पहले ही बेटी ने ठान लिया था कि वह सेना में भार्ती होगी और देश की सेवा करेगी। बता दें कि कुमुदनी ने साल 2018 दिसंबर में नेवी ज्वॉइन की और सबसे पहले केरल फिर कोच्चि में अपनी ट्रेंनिग पूरी की। इसके बाद वह सब लेफ्टिंनेंट के पद में पहुंची लेकिन वह देश के लिए कुछ चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी संभाला चाहती थी जोकि अब वॉरशिप पर तैनाती से पूरी हो गई है।