विश्व योग दिवस 21 जून 2021
उत्पत्ति
औपचारिक व अनौपचारिक योग शिक्षकों और उत्साही
लोगों के समूह ने 21 जून के अलावा अन्य तारीखों पर विश्व योग दिवस को विभिन्न
कारणों के समर्थन में मनाया। दिसंबर 2011 में, अंतर्राष्ट्रीय
मानवतावादी, ध्यान और योग गुरू
श्री श्री रविशंकर और अन्य योग गुरुओं ने पुर्तगाली योग परिसंघ के
प्रतिनिधि मण्डल का समर्थन किया और दुनिया को एक साथ योग दिवस के रूप में 21 जून
को घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र को सुझाव दिया।
भारत के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी की अपील
के बाद 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के
प्रस्ताव को अमेरिका द्वारा मंजूरी दी, जिसके बाद सर्वप्रथम इसे 21 जून 2015 को पूरे विश्व में विश्व योग दिवस
के नाम से मनाया गया।
योग दिवस
— Alok Verma (@AlokVerma037) June 21, 2021
' योग जीवन का वह दर्शन है, जो मनुष्य को उसने आत्मा से जोड़ता है '
इसके पश्चात 'योग:
विश्व शान्ति के लिए एक विज्ञान' नामक सम्मेलन 4 से 5
दिसम्बर 2011 के बीच आयोजित किया गया। यह संयुक्त रूप से लिस्बन, पुर्तगाल के योग संघ, आर्ट ऑफ़ लिविंग फ़ाउण्डेशन और
SVYASA योग विश्वविद्यालय, बेंगलूर के
द्वारा आयोजित किया गया। जगत गुरु अमृत सूर्यानन्द के अनुसार विश्व योग दिवस का
विचार वैसे तो 10 साल पहले आया था लेकिन, यह पहली बार था जब
भारत की ओर से योग गुरु इतनी बड़ी संख्या में इस विचार को समर्थन दे रहे थे। उस
दिन श्री श्री रवि शंकर के नेतृत्व में विश्व योग दिवस के रूप में 21 जून को
संयुक्त राष्ट्र और यूनेस्को द्वारा घोषित करने के लिए हस्ताक्षर किए गए।
निम्नलिखित सदस्य उस सम्मेलन
में उपस्थित थे:
श्री श्री रवि शंकर, संस्थापक, आर्ट ऑफ़ लिविंग; आदि
चुन चुन गिरि मठ के श्री स्वामी बाल गंगाधरनाथ; स्वामी
पर्मात्मानन्द, हिन्दू धर्म आचार्य सभा के महासचिव; बीकेएस अयंगर, राममणि आयंगर मेमोरियल योग संस्थान,
पुणे; स्वामी रामदेव, पतंजलि
योगपीठ, हरिद्वार; डॉ॰ नागेन्द्र,
विवेकानन्द योग विश्वविद्यालय, बंगलुरू;
जगत गुरु अमृत सूर्यानन्द महा राज, पुर्तगाली
योग परिसंघ के अध्यक्ष; अवधूत गुरु दिलीपजी महाराज, विश्व योग समुदाय, सुबोध तिवारी, कैवल्यधाम योग संस्थान के अध्यक्ष; डा डी॰आर
कार्तिकेयन, कानून-मानव जिम्मेदारियों व कारपोरेट मामलों के
सलाहकार और डॉ॰ रमेश बिजलानी, श्री अरबिन्दो आश्रम, नई दिल्ली।
संयुक्त राष्ट्र की घोषणा
इस पहल को कई वैश्विक नेताओं से समर्थन मिला।
सबसे पहले, नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोइराला ने
प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्ताव का समर्थन किया। संयुक्त राज्य अमेरिका सहित 177 से
अधिक देशों, कनाडा, चीन और मिस्र आदि
ने इसका समर्थन किया है।
"अभी तक हुए किसी भी
संयुक्त राष्ट्र महासभा के संकल्प के लिए यह सह प्रायोजकों की सबसे अधिक संख्या
है।"
11
दिसंबर 2014 को 193 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सर्वसम्मति से 'योग के अंतर्राष्ट्रीय दिवस' के रूप में 21 जून को
मंजूरी दे दी गयी।
संयुक्त राष्ट्र के घोषणा करने के बाद, श्री श्री रविशंकर ने नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते है कहा:
"किसी भी दर्शन, धर्म या संस्कृति के लिए राज्य के संरक्षण के बिना
जीवित रहना बहुत मुश्किल है। योग लगभग एक अनाथ की तरह अब तक अस्तित्व में था। अब
संयुक्त राष्ट्र द्वारा आधिकारिक मान्यता योग के लाभ को विश्वभर में
फैलाएगी।"
— श्री श्री
रविशंकर
योग के महत्व पर बल देते हुए श्री श्री रवि
शंकर ने कहा कि योग आप को फिर से एक बच्चे की तरह बना देता है, जहाँ योग और वेदांत है वहां, कोई कमी, अशुद्धता, अज्ञानता और अन्याय नहीं है। हमें हर किसी
के दरवाजे तक योग को ले जा कर दुनिया को दुखों से मुक्त कराने की आवश्यकता है।
अंतरराष्ट्रीय
योग दिवस पर बोले पीएम मोदी- कोरोना काल में उम्मीद की किरण बना योग
प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी ने कहा है कि वह 7वें योग दिवस कार्यक्रम को कल सुबह करीब 6:30 बजे संबोधित
करेंगे। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि कल 21 जून को हम 7वां योग दिवस मनाएंगे। इस
वर्ष का विषय 'योग फॉर वेलनेस' है, जो
शारीरिक और मानसिक कल्याण के लिए योग का अभ्यास करने पर केंद्रित है। 21 जून 2021 सुबह करीब साढ़े छह बजे योग दिवस कार्यक्रम को
संबोधित किया ।
Addressing the #YogaDay programme. https://t.co/tHrldDlX5c
— Narendra Modi (@narendramodi) June 21, 2021
कोविड-19 महामारी के
कारण अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2021 का प्रमुख कार्यक्रम एक टेलीविजन कार्यक्रम
होगा। इसमें प्रधानमंत्री का संबोधन होगा। सभी दूरदर्शन चैनलों पर सुबह 6:30 बजे
शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में आयुष राज्य मंत्री किरेन रिजिजू का संबोधन और
मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के योग प्रदर्शन का सीधा प्रसारण भी शामिल
है। विदेशों में स्थित भारत के मिशन अपने-अपने देशों में 21 जून तक विभिन्न
गतिविधियों का समन्वय कर रहे हैं और रिपोर्टों के अनुसार वैश्विक स्तर पर लगभग 190
देशों में योग दिवस मनाया जाएगा।
पिछले वर्षों की तरह, 21
जून 2021 को आईडीवाई अवलोकन में सुबह 7:00 बजे योग के सामंजस्यपूर्ण
निरूपण/प्रदर्शन में बड़ी संख्या में भाग लेने वाले व्यक्ति शामिल होंगे। लगभग 45
मिनट की अवधि के योग अभ्यासों का एक निर्दिष्ट क्रम, सामान्य
योग प्रोटोकॉल (सीवाईपी) इस तरह के सामंजस्य की सुविधा प्रदान करने वाला माध्यम
होगा। लाखों की संख्या में योग प्रेमी पहले ही इस गतिविधि का हिस्सा बनने के लिए
खुद को प्रतिबद्ध कर चुके हैं और अपने घरों के भीतर सुरक्षित होकर योग कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री के
संबोधन के बाद योग प्रदर्शन शुरू होगा और यह सुबह 7:00 से 7:45 तक होगा। इस सीधे
प्रसारित योग प्रदर्शन के बाद 15 आध्यात्मिक गुरुओं और योग गुरुओं के संदेश भी
दिखाए जाएंगे। आईडीवाई का अवलोकन एक वैश्विक गतिविधि है और आम तौर पर इसकी
प्रारंभिक गतिविधियां 21 जून से 3-4 महीने पहले शुरू हो जाती हैं। प्रत्येक वर्ष
आईडीवाई अवलोकन के हिस्से के रूप में एक जन आंदोलन की भावना से लाखों व्यक्तियों
को योग से परिचित कराया जाता है।
