डिसप्रेक्सिया. by ALOK VERMA

 डिसप्रेक्सिया

डिसप्रेक्सिया क्या होता है ? 

डिसप्रेक्सिया एक विकास संबंधी समन्वय में कमी से जुड़ा विकार है जो दिमागी संदेशों के समन्वय को प्रभावित करता है । डिस्प्रेक्सिया से पीड़ित बर्च सूक्ष्न मोटर गतिविधियों के प्रबंधन में कठिनाई महसूस करते हैं जैसे दाँतों को ब्रश करने में , जूते के फीते बाँधने में , चीजों को पकड़े रहने में , चीजों को इधर से उधर रखने या उन्हें व्यवस्थित करने में या ठीक से उठने - बैठने या चलने - फिरने में । डिसप्रेक्सिया आमतौर पर मस्तिष्क से जुड़े अन्य विकारों के साथ ही मौजूद पाया जाता है ; जैसे - डिसलेक्सिया , डिसकैलकुलिया या एटेंशन डेफेसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर ( ए . डी . एच . डी . ) ।

डिसप्रेक्सिया के चिह्न 

डिसप्रेक्सिया से पीड़ित बच्चों को निम्न मामलों में समस्या आ सकती है । 

स्थूल मोटर योग्यताएँ 

चीजों को गिराए बिना थामे रहना । ' 
खेलते समय या व्यायाम करते समय शारीरिक समन्वय यानि शरीर के अंगों में तालमेल बनाए रखना । 
वॉकिंग , स्किपिंग , गेंद फेंकना या कैच करना या बाइक पर बैठना । चीजों से टकराए बिना इधर से उधर चल पाना , चलते हुए , चीजों को न गिराना । 
ऐसे खेलों और गतिविधियों में भाग लेना जिनमें हाथ और आँख के कुशल तालमेल की जरूरत पड़ती है । 

सूक्ष्म मोटर योग्यताएँ 

बटन लगाना . पेंसिल पकड़ना , कैंची चला पाना । 
छोटी चीजों पर काम करना , जैसे - लॉक बनाना , पहेलियाँ हल करना । 

स्पीच / बोलने की क्षमता 

आवाज में उतार - चढ़ाव ला पाना ( चॉल्यूम , स्पीडस . टोन , पिच ) । 
साफ - साफ बोलना और बहुत धीरे नहीं बोलना । 

सामाजिक - भावनात्मक 

काम कर पाने , खेलने या संचार में सक्षम हो पाने को लेकर खुद पर पक्का भरोसा होना । टाम वाले खेलों में शामिल होना । .
बच्चो और वयस्कों से मिलना - जुलना  । 

याददाश्त और ध्यान - 

स्कूल या घर में किए जाने वाले कामों के सिलसिले या क्रम को याद रखना और उन्हें पूरा कर पाना ( स्कूल का बस्ता लगाना . होमवर्क पूरा करना , लंचबॉक्स रखना आदि । 

स्थानिक संबंध - 

चीजों को एक जगह से दूसरी जगह बिल्कुल सही जगह रखना या यहाँ से वहाँ ले जाना ।

कारण

डिसप्रेक्सिया के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है लेकिन ये पाया गया है कि ये विकार उन तंत्रिकाओं की गड़बड़ी की वजह से हो सकता है , जो समन्वय के लिए मस्तिष्क से पेशियों तक संकेत भेजती हैं । 

पहचान

डिसप्रेक्सिया की पहचान का कोई एक अकेला टेस्ट उपलब्ध नहीं है । कोई विशेषज्ञ या थेरेपिस्ट निम्न मापदंडों के आधार पर विकार का आकलन कर सकता है / 
मोटर योग्यताओं का अवरुद्ध या धीमा विकास 
दिमागी लकवे जैसी अन्य न्यूरोलॉजिकल स्थितियों की वजह से मोटर योग्यताएँ कमजोर नहीं होती हैं । 

उपचार

अभिभावक किसी विशेषज्ञ या थेरेपिस्ट से मिल सकते हैं । किसी स्पीच थेरेपिस्ट , विशेष शिक्षा विशेषज्ञ या बाल मनोचिकित्सक से भी समस्या को समझने के लिए मिला जा सकता है और जरूरी मदद हासिल की जा सकती है ।

देखरेख

डिस्प्रेक्सिया वाले बच्चे को अपने विचार , भावनाएँ , या समस्याओं को अभिव्यक्त करने यानि बता पाने में मुश्किल आ सकती है । लेकिन देखरेख करने वाले व्यक्ति के रूप में आप बच्चे को बोलने और अपनी समस्या बताने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं । आप अपने बच्चे को हल्की फुल्की शारीरिक गतिविधियाँ करते रहने के लिए भी प्रेरित कर सकते हैं । इन गतिविधियों से समन्वय और तालमेल में मदद मिलती है और इस तरह बच्चे के भीतर विश्वास बढ़ाया जा सकता है ।