ब्रॉड फील्ड पाठ्यक्रम ( BROAD FIELD CURRICULUM )
पाठ्यक्रम किसी भी स्तर का क्यों न हो विभिन्न विषयों का निर्धारण दो तरीकों से किया जा सकता है । प्रथम तरीका यहा हो सकता है कि पाठ्यक्रम में विषयों को इस प्रकार स्थान दिया जाये कि उनमें परस्पर किसी भी प्रकार का सम्बन्ध न रहे । दूसरा प्रकार यह हो सकता है कि पाठ्यक्रम में विषयों को इस प्रकार स्थान दिया दिया जाये कि उनमें एक प्रकार का सम्बन्ध रहे । द्वितीय अवधारणा के आधार पर हम दो या दो से अधिक विषयों की सामान्य विषय वस्तु को जोड़ते हैं और विस्तृत क्षेत्र पाठ्यक्रम तैयार करते हैं ।
ब्रॉड फील्ड पाठ्यक्रम क्या है ? ( WHAT IS BROAD FIELD CURRICULUM )
विस्तृत क्षेत्र पाठ्यक्रम से अभिप्राय उस पाठ्यक्रम से है जिसमें दो या दो से अधिक विषयों की सामान्य विषय वस्तु को एक साथ जोड़कर अध्ययन का एक वृहद क्षेत्र तैयार किया जाता है ।
उदाहरण :
भौतिक विज्ञान , जीव विज्ञान , नक्षत्र विज्ञान , भू विज्ञान , सभी विज्ञानों को जोड़कर सामान्य विज्ञान शीर्षक के अन्तर्गत रख देना तथा अर्थ शास्त्र , इतिहास , भूगोल , नागरिक शास्त्र , को सामाजिक अध्ययन विषय के अन्तर्गत रख देना ।
विशेषताऐं ( CHARACTERISTICS )
विषयों का प्रथकीकरण समाप्त हो जाता है । विषयों में पारस्परिक सम्बन्ध ज्ञात हो जाता है । इसमें फील्ड वर्क को अधिक महत्व दिया जाता है ।
गुण ( MERITS )
- विषय वस्तु अधिक स्पष्ट हो जाती है
- बालक की तार्किक शक्तियों का विकास होता है ।
- इसमें सैद्धांतिक ज्ञान के स्थान पर व्यावहारिक ज्ञान पर अधिक बल दिया जाता है ।
- समय की बचत होती है ।
- श्रम की बचत होती है ।
- प्रतिभाशाली छात्रों के लिए उपयोगी है ।
- उच्च स्तर के लिए उपयोगी है ।
अवगुण ( DEMERITS )
- सभी विषयों का एकीकरण सम्भव नहीं है ।
- बालकों की रूचियों के अनुसार एकीकरण सम्भव नहीं है ।
- प्राथमिक स्तर पर उपयोगी नहीं है ।
- मन्द बुद्धि और औसत बुद्धि बालकों के लिए उपयोगी नहीं है ।
- बालक के मानसिक विकास पर अत्याधिक बल दिया जाता है
- सामाजिक विकास की उपेक्षा की जाती है । -